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जिम कार्बेट में कमरा नहीं दिया तो रिजॉर्ट मालिक को कर लिया गिरफ्तार, हाईकोर्ट के आदेश के बाद SHO सस्पेंड

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक SHO को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को नजरअंदाज करने के आरोप में निलंबित करने का आदेश जारी किया है. हाईकोर्ट ने यह फैसला एक रिजॉर्ट मालिक की याचिका पर दिया है. याचिकाकर्ता ने अपने आवेदन में पुलिस अधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे.

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हाईकोर्ट ने जारी किया SHO को निलंबित करने का आदेश. (फाइल फोटो)
हाईकोर्ट ने जारी किया SHO को निलंबित करने का आदेश. (फाइल फोटो)

उत्तराखंड के नैनीताल में एक पुलिस अधिकारी ने होटल मालिक को अपनी वर्दी का रोब दिखाकर गिरफ्तार कर लिया, लेकिन अब होईकोर्ट ने इस मामले में SHO को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को नजरअंदाज किया है. इसके बाद डीआईजी ने एसएचओ को निलंबित कर दिया. 

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एसएचओ अमित सैनी को सस्पेंड किया जाने के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि रामनगर पुलिस स्टेशन के SHO को एक रिजॉर्ट मालिक को गिरफ्तारी के आरोपों में निलंबित कर दिया गया है.

होटल मालिक ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारी ने उन्हें फुल ऑक्यूपेंसी होने के कारण कमरा नहीं दिया, जिसके बाद उन्होंने अपनी टीम के साथ होटल में छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. 

अधिकारी ने SC के आदेश को किया नजरअंदाज: HC

होटल मालिक की याचिका पर उत्तराखंड हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि राजीव शाह की गिरफ्तारी को बदले की कार्रवाई है, क्योंकि उन्हें पुलिस अधिकारी को रिजॉर्ट में रूप देने से मना कर दिया था.
अदालत ने आगे कहा कि पुलिस ने राजीव शाह को जिन आरोपों के तहत गिरफ्तार किया है, वह जमानती अपराध है, और ऐसे अपराध के लिए पुलिस की ओर से आरोपी को पहले नोटिस जारी करना जरूरी होता है. पुलिस अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को कैसे नजरअंदाज कर दिया और रिजॉर्ट के मालिक की गिरफ्तारी कर ली.

उन्होंने बताया कि कुमाऊं रेंज के उप महानिरीक्षक योगेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद शनिवार को रामनगर के थाना प्रभारी अरुण सैनी को निलंबन आदेश जारी किया।

अधिकारियों ने कहा कि पुलिस अधिकारी अमित सैनी ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में रिजॉर्ट के मालिक राजीव शाह को मेहमानों को शराब परोसने के आरोप में गिरफ्तार करने के लिए निलंबित कर दिया गया था.

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याचिका में होटल मालिक ने लगाए थे गंभीर आरोप

राजीव ने अपनी याचिका में अदालत को बताया कि अमित सैनी ने रिजॉर्ट में एक कमरा मांगा था, लेकिन पूरी होटल शादी के लिए बुक था. इस लिए उन्हें हमने कमरा देने से इनकार कर दिया और शादी खत्म होने के तुरंत बाद पुलिस अधिकारी अपनी टीम के साथ रिजॉर्ट में छापेमारी कर मेहमानों को शराब परोसने के आरोप में राजीव शाह को गिरफ्तार कर लिया. इसके चलते शाह को पूरी रात पुलिस लॉकअप में बितानी पड़ी. हालांकि, जमानत पर रिहा होने के बाद उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दे दी.
साथ ही अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि रिजॉर्ट से शराब की दस खाली बोलतें और एक आधी भरी बोतल शराब की बरामद हुई है.

'पहले जारी करना होता है नोटिस'

रिजॉर्ट के मालिक के वकील दुष्यंत मैलानी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, छोटे जमानती अपराधों के लिए पूर्व नोटिस या चालान जारी किया जाता है, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया. सीधी गिरफ्तारी के मामले में, पुलिस को यह बताना होगा कि किन परिस्थितियों में नोटिस या चालान जारी नहीं किया गया.

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