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तीन तलाक के खिलाफ जंग लड़ने वाली सायरा बानो बीजेपी में शामिल

सायरा बानो देश की पहली मुस्लिम महिला हैं, जिन्होंने तीन तलाक के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने 23 फरवरी 2016 को सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के खिलाफ याचिका दायर की थी. इस कानूनी लड़ाई में उन्हें जीत हासिल हुई थी.

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सायरा बानो (फाइल फोटो-ANI)
सायरा बानो (फाइल फोटो-ANI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तीन तलाक के खिलाफ SC का दरवाजा खटखटाया था
  • SC ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया था
  • प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की मौजदूगी में सदस्यता ली

तीन तलाक के खिलाफ जंग लड़ने वाली सायरा बानो ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है. उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले की रहने वाली सायरा बानो ने प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की मौजदूगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की. 

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सायरा बानो देश की पहली मुस्लिम महिला हैं, जिन्होंने तीन तलाक के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने 23 फरवरी 2016 को सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के खिलाफ याचिका दायर की थी. इस कानूनी लड़ाई में उन्हें जीत हासिल हुई थी.

सायरा बानो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके ट्रिपल तलाक के साथ ही निकाह हलाला के चलन की संवैधानिकता को चुनौती दी थी. याचिका में उन्होंने मुस्लिमों में प्रचलित बहुविवाह प्रथा को भी गलत करार देते हुए इसे खत्म करने की मांग उठाई थी. सायरा का तर्क रहा है कि तीन तलाक संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.

बीजेपी में शामिल होने पर सायरा बानो ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी की नीतियों से प्रेरित होकर वो पार्टी में शामिल हुईं हैं. वो महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करती रहेंगी. बता दें कि तीन तलाक के मुद्दे पर 22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था. 

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सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया था. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि केंद्र सरकार 6 महीने के अंदर संसद में इसको लेकर कानून बनाए. इस फैसले के बाद केंद्र सरकार तीन तलाक के खिलाफ कानून भी लेकर आई और आज देशभर की मुस्लिम महिलाएं सुकून की जिंदगी जी रही हैं. 

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