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केदारनाथ यात्रा के 10 दिन में सात श्रद्धालुओं की मौत, कम ऑक्सीजन से परेशानी

मृतकों में से अधिकतर की उम्र 60 वषॆ से अधिक है. इन मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि जिन लोगों को सांस लेने में दिक्कत है वह लोग केदारनाथ की यात्रा से बचें और यात्रा से पहले अपना स्वास्थ्य परीक्षण जरूर करा लें.

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Kedarnath Temple
Kedarnath Temple

उत्तराखंड के चारो धाम में यात्रियों का सैलाब उमड़ रहा है. सबसे ज्यादा तादाद में श्रद्धालु बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं. 9 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद अब तक 10 दिन में लगभग 80 हजार श्रद्धालु केदारनाथ की यात्रा कर चुके हैं. इनमें से सात यात्रियों के जान गंवाने की खबर है, जिसका मुख्य कारण ऑक्सीजन की कमी से ह्रदय गति का रुक जाना बताया जा रहा है.

जानकारी के अनुसार मृतकों में से अधिकतर की उम्र 60 वर्ष से अधिक है. इन मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि जिन लोगों को सांस लेने में दिक्कत है, वह लोग केदारनाथ की यात्रा से बचें और यात्रा से पहले अपना स्वास्थ्य परीक्षण जरूर करा लें. अभी यात्रा का शुभारंभ ही हुआ है, ऐसे में आने वाले समय मे यहां लोगों की संख्या में काफी इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है.

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बारिश, बर्फबारी बनी मुसीबत

रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी हो रही है जिससे तापमान काफी कम है. रात में तापमान के शून्य से भी नीचे चले जाने और ऑक्सीजन की कमी के कारण सांस लेने में हो रही समस्याओं से श्रद्धालुओं को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है.

गौरतलब है कि 2013 में आई भीषण आपदा ने केदार धाम में भीषण तबाही मचाई थी, जिसमें सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी. केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य तब से अब तक चल रहे हैं, जिसकी निगरानी पीएमओ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं कर रहे हैं. लेकिन इस बार यात्रा पिछले साल की तरह आसान नही लग रही जिसका मुख्य कारण यहां हो रही रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी है. आजतक' की सभी यात्रा पर जाने वाले लोगो को सलाह है कि सभी यात्री  यात्रा करने से पहले अपने स्वास्थ्य का परीक्षण करवाएं. केदार धाम यात्रा पर आने से पहले अपने गर्म कपड़े अपने साथ रखे और यात्रा नियमों का पालन करे जिससे कि आपकी यात्रा सुखमय हो.

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