उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में गुरुवार की सुबह नानकमत्ता गुरुद्वारा में कार सेवा डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस वारदात के बाद से उत्तराखंड में सिख धर्म के बड़े तीर्थस्थलों में से एक नानकमत्ता में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. इस बीच ‘आजतक’ को चल रही पुलिस जांच की कुछ जानकारी मिली है.
हत्याकांड मामले में पांच आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है. आरोपियों में सरबजीत सिंह निवासी ग्राम मियाविंड जिला तरन तारण पंजाब, वारदात के वक्त बाइक पर पीछे बैठा अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू निवासी ग्राम सिहोरा बिलासपुर यूपी को मुख्य आरोपी बनाया गया है. उनकी उम्र करीब 40 साल बताई जा रही है.
संदेह के आधार पर ये भी बनाए गए आरोपी
इसके अलावा संदेह के आधार पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री नानकमत्ता साहिब के प्रधान हरबंस सिंह चुघ, प्रीतम सिंह संधू निवासी खेमपुर गदरपुर और जत्थेदार बाबा अनूप सिह को आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने बाबा तरसेम सिंह की हत्या की साजिश के सिलसिले में 3-4 संदिग्धों को हिरासत में लिया है.
शूटर्स की तलाश में जुटी STF और SIT की टीम
सरबजीत और बिट्टू की तलाश में एसटीएफ और एसआईटी की टीम जुटी हुई है. दोनों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के जरिये की गई है. इसके अलावा वे लगभग 8-9 दिनों तक डेरा परिसर के पास जिस कमरे में ठहरे हुए थे, वहां से उनकी आईडी से भी वारदात में आरोपियों के शामिल होने की पुष्टि हुई है.
हमले के पीछे सुनियोजित साजिश की आशंका
पुलिस ने कहा कि इस मामले में सुनियोजित साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता है. हालांकि, हमले का सही कारण पता लगाने की कोशिश की जा रही है. स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, इसलिए इलाके में पुलिस और सीआरपीएफ को तैनात किया गया है.
धार्मिक कट्टरता के एंगल से भी चल रही जांच
पुलिस इस मामले में धार्मिक कट्टरता के एंगल से भी जांच कर रही है. सूत्रों ने बताया कि बिना हाथ धोए गुरु ग्रंथ साहिब को छूने वाले एक व्यक्ति का हाथ सरबजीत ने काट दिया था. उस मामले में वह जेल भी जा चुका है. धार्मिक आधार पर लोगों को धमकाने की उसकी अन्य शिकायतों के बारे में भी पुलिस को जानकारी मिली है.
बाइक सवार हमलावरों ने चलाई थी गोलियां
बताते चलें कि गुरुवार सुबह बाइक से आए हमलावरों ने बाबा तरसेम सिंह को गोलियों से भून दिया. खुद के ऊपर लगे गुरुद्वारा की जमीन कब्जाने को लेकर खंडन करते हुए उन्होंने एक महीने पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने जान को खतरा बताया था. बावजूद इसके पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई.
पूरा जीवन गुरु नानक सी सेवा में लगाया
बाबा तरसेम सिंह खटीमा के जसारी झनकट नामक गांव के रहने वाले थे. उन्होंने शादी नहीं की थी. पूरा जीवन गुरु नानक देव जी को समर्पित कर दिया था. गुरुद्वारा की सेवा और समर्पण की वजह से उत्तराखंड, दिल्ली और पंजाब में उनके काफी अनुयायी हैं. बताया जाता है कि वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के करीबी थे. घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीजीपी अभिनव कुमार को सख्त एक्शन लेने के आदेश दिए हैं. इस मामले पर DGP उत्तराखंड अभिनव कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जा चुका है.