उत्तराखंड के हरिद्वार में चल रहे कुंभ के दूसरे शाही स्नान में देरी होने के कारण श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा के साधु संत नाराज हो गए और वे वहीं सड़क पर बैठ गए, जहां उनको रास्ते में रोका गया था. साधु-संतों के सड़क पर धरने पर बैठने से मेला प्रशासन अफरा-तफरी मच गई. कुम्भ मेला प्रशासन की और से श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े के धरने पर बैठे संतों को मनाने के लिए अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह पहुंचे और काफी मान मनौव्वल के बाद संतों ने धरना समाप्त किया और स्नान के लिए आगे बढ़े.
अखाड़े के श्रीमहंत महेश्वर दास ने कहा कि उनका हर की पौड़ी पहुंचने का समय 2 बजकर 50 मिनट था, लेकिन दिए गए समय के बाद भी घाट खाली नहीं करवाया गया. उनको पीछे ही रोक दिया गया. इस दौरान ये भी ध्यान नहीं रखा गया, कि जहां संतों को रोका गया, वहां धूप थी. श्रीमहन्त महेश्वर दास ने कहा कि हमें दिया गया समय 2.50 तो यहीं हो गया. टाइम का पालन कराना तो मैनेजमेंट का काम है.उन्होंने कहा कि यहां हर बार इसी तरह होता है. सख्त तेवर में उन्होंने कहा कि यदि आप घाट खाली नहीं करा सकते, तो हम पर छोड़ दो. हम लठ बजाकर नहा लेंगे, या फिर यहीं से वापस चले जाएंगे. विरोध का कोई मतलब नहीं है. समय का पालन होना चाहिए. अखाड़े के श्रीमहंत महेश्वर दास ने कहा कि समय का पालन नहीं करने से तीन अखाड़ों के संत परेशान हुए हैं. श्रीपंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े के बाद तीन अन्य अखाड़ों के स्नान के समय भी देरी होगी. उन्होंने कहा कि घाट खाली कराना प्रशासन का काम है, हमारा नहीं.
CM तीरथ ने दूसरे शाही स्नान की सफलता के आभार किया व्यक्त
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार महाकुंभ 2021 के दूसरे शाही स्नान का आयोजन भी कोविड 19 की गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए दिव्यता व भव्यता के साथ सम्पन्न हो गया है. सुरक्षित और सफल आयोजन में सहयोग के लिए सभी सहयोगियों का आभार. सचिवालय में पत्रकारों से वर्चुअली बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए शाही स्नान में अखाड़ों के संत समाज से लेकर लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं ने हरिद्वार कुंभ 2021 में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया.
15 लाख ने लगाई डुबकी
उन्होंने प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बताया सोमवती अमावस्या पर हुए दूसरे शाही स्थान को लेकर श्रद्धालुओं में बहुत उत्साह रहा. सुबह आठ बजे तक ही 15 लाख श्रद्धालू स्नान कर चुके थे. वहीं सायं 6 बजे जो आंकड़ा आया है उसमें स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 28 लाख पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि ऐसी उम्मीद है कि शाही स्नान के समापन तक करीब 35 लाख श्रद्धालु स्नान कर लेंगे.