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उत्तराखंड के चमोली जिले के बद्रीनाथ क्षेत्र में शुक्रवार को भारी हिमस्खलन (एवलांच) हुआ, इस एवलांच ने भारत-तिब्बत बॉर्डर के पास माणा गांव में स्थित बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) के कैंप को अपनी चपेट में ले लिया. इस हादसे में 25 मजदूर अभी भी बर्फ में फंसे हुए हैं. घटना के समय कुल 57 मजदूर कैंप में मौजूद थे, जिनमें से अब तक 32 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. सभी को पास के माणा गांव स्थित सेना कैंप में ले जाया गया है. राहत और बचाव दल से मिली जानकारी के मुताबिक बचाए गए 16 में से 4 मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है.
हादसे के बाद सामने आए वीडियो और फोटो में ये साफ दिखाई दे रहा है कि घटनास्थल पर घुटने तक बर्फ है और वहां लगातार Snowfall हो रहा है. हिमस्खलन शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे हुआ था. बताया जा रहा है कि ये एवलांच माणा और माणा Pass के बीच हुआ. जब मजदूर सेना के मूवमेंट के लिए बर्फ हटाने का काम कर रहे थे. तभी अचानक आए एवलांच ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया.
चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि बचाव अभियान जारी है. खराब मौसम, भारी बर्फबारी और दुर्गम इलाके के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. फिलहाल किसी भी मजदूर की मौत की पुष्टि नहीं हुई है.
उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सचिव विनोद सुमन ने कहा कि क्षेत्र में लगातार बर्फबारी होने के कारण वहां स्थिति बेहद कठिन है. बचाव कार्य में 65 लोगों की टीम लगी हुई है. अब तक 10 लोगों को बचाया जा चुका है, फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए अभियान जारी है. हमने सेना के हेलीकॉप्टर की मांग की है. बचाए गए लोगों को माना स्थित आईटीबीपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
मुख्यमंत्री ने दिए हरसंभव मदद के निर्देश
चमोली हिमस्खलन बचाव अभियान पर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बचाव अभियान जारी है. खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर सेवा का उपयोग नहीं किया जा सकता है. हम मजदूरों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. पीएम और गृह मंत्री के कार्यालय हमारे संपर्क में हैं. उन्होंने कहा कि रेस्क्यू के लिए ITBP, SDRF और अन्य एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन टीम और पूरा प्रशासन अलर्ट मोड पर है.
NDRF और SDRF की टीमें तैनात
घटना की सूचना मिलते ही NDRF और SDRF की टीमें मौके पर भेजी गई हैं. हालांकि लगातार हो रही बर्फबारी और खराब मौसम के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी बाधा आ रही है.
मौसम विभाग और DGRE ने किया था अलर्ट
जानकारी के मुताबिक गुरुवार को ही इस इलाके मे एवलांच की चेतावनी जारी कर दी गई थी, जिसके बाद प्रशासन हाईअलर्ट पर था. चंडीगढ़ स्थित डिफेंस जियोइन्फॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (DGRE) ने गुरुवार शाम 5 बजे चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के लिए 2,400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन का अलर्ट जारी किया था. इसके अलावा, देहरादून स्थित मौसम विभाग ने भी शुक्रवार सुबह 3,500 मीटर से ऊंचे इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई थी. इन चेतावनियों के बाद, राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने संबंधित जिलों के प्रशासन को पहले ही सतर्क कर दिया था.