
उत्तराखंड के चमोली जिले में ऋषिगंगा घाटी में रविवार को अचानक ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही हुई है. उत्तराखंड के डीजीपी के मुताबिक आपदा में अभी भी 153 लोग लापता हैं, जबकि मलबे से 14 शव निकाले जा चुके हैं. वहीं रेस्क्यू टीमों ने अब तक 15 जिंदगियां बचाई हैं. पहली सुरंग से 12 लोगों को बचाया गया और दूसरी सुरंग में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. जब तबाही आई उस वक्त जोशीमठ में जलस्तर 1388 मीटर पहुंच गया था, जबकि 2013 की केदारनाथ आपदा के वक्त जोशीमठ में जलस्तर 1385 मीटर था.
तबाही के बाद तपोवन में करीब 30-35 फीट तक मलबे की परत जमी है. रेस्क्यू के दौरान मलबा धंसने का भी खतरा है. तबाही भले चली गई लेकिन खतरा अभी भी बरकरार है. तपोवन में पानी का स्तर अभी भी बढ़ रहा है. कहा जा रहा है कि ग्लेशियर की वजह से एक झील बन जाने के कारण दोबारा पानी बढ़ने लगा है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार और बुधवार को उत्तराखंड के चमोली जिले में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है. उत्तराखंड के मौसम विभाग केंद्र ने बर्फबारी और बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों में उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली एवं पिथौरागढ़ में ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है.
हालांकि, राज्य के बाकी के इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा. वहीं, 11 फरवरी 2021 तक पूरे उत्तराखंड में मौसम शुष्क हो सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक उत्तराखंड के हरिद्वार एवं उधम सिंह नगर जिले के कुछ भागों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है.
विभाग के मुताबिक कोहरे के कारण लोगों को यात्रा में ज्यादा समय लग सकता है. कुछ जगहों पर ट्रैफिक परेशानी का कारण बन सकता है. वहीं, कुछ इलाकों में कम विजिबिलिटी होने के कारण विमान सेवा पर भी असर हो सकता है. मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने सलाह जारी की है और कहा है, 'अपनी यात्रा के निर्धारण के लिए एयरलाइंस, रेलवे और राज्य परिवहन के संपर्क में रहें. फॉग लाइट का इस्तेमाल करें. वाहन चलाते समय सावधान रहें.'
तापमान की बात करें तो मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार यानी आज तपोवन, जोशीमठ में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. वहीं, 9 फरवरी 2021 को न्यूनतम तापमान 2 डिग्री और अधिकतम तापमान 8 डिग्री रहने का अनुमान है.