आजतक के खास कार्यक्रम 'सीएम साहब' में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंजना ओम कश्यप (मैनेजिंग एडिटर, स्पेशल प्रोजेक्ट) के साथ बातचीत की और विभिन्न मुद्दों पर पूछे गए सवालों के जवाब दिए. मुख्यमंत्री के तौर पर पुष्कर सिंह धामी अपने कौन से काम को धाकड़ मानते हैं? इस सवाल के जवाब पर उन्होंने कहा, 'जितनी मेरी क्षमता है उसमें मैं कोई कमी नहीं करता हूं. मेरा प्रयास रहता है कि अधिकतम प्रयास करूं. इसमें मुझे प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री समेत सभी वरिष्ठ नेताओं का समर्थन और सहयोग मिलता रहा है.'
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में हमने यूसीसी विधेयक पारित किया है. यह गौरव देवभूमि उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है कि यह आजादी के बाद देश का पहला राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता लागू होने जा रही है. दूसरा, हमने यहां नकल के खिलाफ सख्त कानून बनाया. हमारे योग्य और मेहनती अभ्यर्थी व युवा परीक्षाओं में भाग तो लेते थे, लेकिन नकल माफिया के कारण उनका कहीं भी चयन नहीं होता था, उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ होता था. नकल कानून के बाद हमने 16 हजार नियुक्तियां की हैं. नकल कानून के बाद एक भी पेपर लीक का मामला कहीं से नहीं आया, न ही कोई भर्ती कोर्ट केस में फंसी.'
विधायक दल की बैठक में पता चला सीएम बन रहा
अपनी खुद की सीट हारने के बाद भी पुष्कर सिंह धामी में पार्टी नेतृत्व ने ऐसा क्या देखा कि उन्हें मुख्यमंत्री पद पर काबिज रखने का फैसला किया? इस सवाल के जवाब में सीएम धामी ने कहा, 'जब 2017 में उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार बनी तो मैं चाहता था कि मेरा भी नाम मंत्रिमंडल की सूची में आता तो अच्छा होता. लेकिन उस समय जो भी पार्टी संगठन की व्यवस्था रही, मेरा नाम मंत्रिमंडल में नहीं आया. उसके बावजूद मैंने पार्टी के लिए काम करना जारी रखा. मैं जब विधानमंडल की बैठक में गया तो नहीं पता था कि मुझे सीएम बनाया जा रहा. मेरा नाम पुकारा गया तब पता चला कि मैं मुख्यमंत्री बनने जा रहा हूं. जब मुझे मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिली तो चुनाव में 6 महीने का वक्त बाकी था. मैंने बस यही सोचा कि पार्टी ने जिम्मेदारी दी है तो मेरा कर्तव्य है कि पूरे प्रदेश में जाऊं और पीएम मोदी की बात जनता तक पहुंचाऊं.'
अतिक्रमण पर कार्रवाई होगी, भू-कानून सख्त करेंगे
राज्य के मुसलमानों को डराने के आरोप पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा, 'हमारे राज्य में लोग आपस में मिलजुलकर रहते हैं. देवभूमि जैसा स्वरूप होना चाहिए. यहां पर कुछ डेमोग्राफिक चेंज हुआ है, अवैध मजारें बना दी गईं. जो भी मजारें या संचरनाएं तोड़ी गईं, वह अवैध अतिक्रमण का मामला था. सरकारी जमीनों पर कब्जा करके बनाया गया था. अतिक्रमण को सही नहीं कहा जा सकता. आगे भी हम अतिक्रमण हटाएंगे.'
उत्तराखंड में मुस्लिम आबादी राष्ट्रीय औसत से ज्यादा बढ़ रही है, इसके पीछे क्या वजह है? इस मुद्दे पर धामी ने कहा, 'पिछले वर्षों में यहां वेरिफिकेशन नहीं होता था. कोई भी यहां आता था, अपराध करके आता था, किसी की पृष्ठभूमि अच्छी न हो वो भी आता था. आकर यहां घर बना लेते थे. इसलिए अब हमने वेरिफिकेशन शुरू कर दिया है. जिनकी आपराधिक पृष्ठिभूमि रही है ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी.' भू-कानूनों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे यहां 250 वर्ग फीट से ज्यादा का भूखंड कोई खरीद सकता है और यह मेरे समय का नहीं उससे पहले का कानून है. हम देख रहे हैं कि उससे सख्त कानून बनाएंगे. अभी कृषि भूमि खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
जोशीमठ जैसे संवेदनशील स्थानों पर निर्माण बंद होंगे
चारधाम यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. यात्रा का प्रबंधन ठीक से हो इसके लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी देते हुए सीएम धामी ने कहा, 'पिछले तीन वर्षों में चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या चार गुना बढ़ गई है. हम सभी धामों के आसपास ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था कर रहे हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. इसके लिए हम सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं. विकास भी हो और पर्यावरण को नुकसान भी न पहुंचे यही हमारी प्राथमिकता है. जोशीमठ जैसे स्थानों की एक बियरिंग कैपेसिटी है. हम ऐसे सभी स्थानों का सर्वे करवा रहे हैं. जहां की बियरिंग कैपेसिटी पूरी हो चुकी है, वहां नए निर्माण न हो यह सुनिश्चित किया जाएगा.'
अंकिता भंडारी मामले पर सीएम पुष्कर धामी ने कहा, 'यह बहुत दुखद घटना थी. जैसे ही इस अपराध के बारे में हमें पता लगा, हमने तत्काल तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी करवायी. वे जेल गए हैं. पुलिस ने सारे साक्ष्य इकट्ठा किए. इस केस की जांच के लिए गठित एसआईटी की कमान महिला डीआईजी को सौंपी गई. एसआईटी ने सभी तथ्य इकट्ठे कर लिए. सारे रिकॉर्ड हैं, सारे गवाहों के बयान हैं. रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलवाने की बात भ्रामक है. कोई भी दस्तावेज वहां से गायब नहीं हुए थे. सबकुछ एसआईटी के पास है. अब केस ट्रायल पर है. सरकार पूरी पैरवी कर रही है. हम सबका मत है कि अंकिता को न्याय मिलना चाहिए. हमारा प्रयास होगा कि जिन्होंने यह गुनाह किया है, उन्हें सजा मिले.'