उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट की बैठक से पहले जोशीमठ को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में फिलहाल किसी का घर नहीं तोड़ा जाएगा. सीएम धामी ने बताया कि अबतक सरकार 90 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा चुकी है. इसके अलावा प्रभावित लोगों को राहत राशि देने पर कहा कि डेढ़ लाख रुपये की राशि प्रभावित लोगों को देने की कार्रवाई जारी है.
सीएम धामी ने कहा कि जोशीमठ में प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षा के लिहाज से वहां से निकाला जा रहा है. अबतक प्रशासन ने 90 परिवारों को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है. उन लोगों को राहत राशि देने की प्रक्रिया भी जारी है. इसके साथ ही की उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी का घर नहीं तोड़ा जाएगा.
कई घरों को किया गया चिन्हित
जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव और घरों में आई दरारों के बीच चमोली जिला के आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि जोशीमठ नगर क्षेत्र के 9 वार्ड में 760 प्रभावित भवनों को अभी तक चिन्हित किया जा चुका है. जिसमें से 128 भवनों को असुरक्षित जोन के अंतर्गत रखा गया है.
जिला प्रशासन ने अस्थायी राहत शिविरों के रूप में 51 भवनों के 344 कक्षों का चिह्नीकरण कर लिया है. इसमें 1425 व्यक्तियों को ठहराया जा सकता है. वहीं नगर पालिका के बाहर पीपलकोटी में अस्थायी राहत शिविरों के रूप में 20 भवनों के 491 कमरों को चयनित किया गया है, जिसमें कुल 2205 लोगों को ठहराया जा सकेगा.
जोशीमठ में होटल गिराने का काम जारी
जोशीमठ में अब होटल मलारी इन को गिराने का काम शुरू हो गया है. ये होटल लगातार एक दूसरे होटल की तरफ झुक रहा था. होटल को गिराने के खिलाफ वहां प्रदर्शन हो रहा था. अब SDRF ने उन प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाकर होटल को गिराने का काम शुरू किया है. उस रास्ते पर आवाजाही रोक दी गई है.
नैनीताल हाई कोर्ट ने दिया आदेश
इससे पहले नैनीताल हाई कोर्ट ने जोशीमठ को लेकर दायर की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि उत्तराखंड सरकार की ओर से बनी कमेटी में आपदा प्रबंधन एक्सपर्ट्स डॉ. पीयूष रौतेला और डॉ. एमपीएस बिष्ट को शामिल किया जाए. कोर्ट ने कमेटी को निर्देश दिया है कि वह दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के सामने पेश करे. कोर्ट ने सरकार को उत्तराखंड के जोशीमठ में निर्माण पर लगी रोक को सख्ती से लागू करने का भी आदेश दिया है.