पुष्कर सिंह धामी हाल ही में उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री बने हैं. मुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने भारी भरकम विभाग छोड़ बाकी डिपार्टमेंट अपने वरिष्ठ मंत्रियों को बांट दिए. जिसमें ऊर्जा विभाग कद्दावर नेता हरक सिंह रावत को मिला है. ऊर्जा मंत्री (Uttarakhand Electricity) बनते ही रावत एक्शन में आ गए हैं, उन्होंने उत्तराखंड में मुफ्त बिजली देने का ऐलान कर दिया है.
केजरीवाल सरकार का फॉर्मूला उत्तराखंड में?
गौरतलब है कि उत्तराखंड बनने के बाद ये दूसरी बार हुआ है, जब ऊर्जा का विभाग मुख्यमंत्री के अलावा किसी और के पास गया हो. ऐसे में दिल्ली से लौटते ही ऊर्जा मंत्री हरक सिंह ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार के फॉर्मूले को उत्तराखंड में भी लागू करने की घोषणा कर दी.
हरक सिंह ने उत्तराखंड में 100 यूनिट तक फ्री और 100 से 200 यूनिट तक 50 प्रतिशत रेट पर बिजली देने की घोषणा की है, जिसके लिए जल्द कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा.
पेंडिंग बिल्स भुगतान की तारीख बढ़ाई
इतना ही नही बिजली के पेंडिंग बिल्स भुगतान की तिथि को बढ़ाकर अक्टूबर कर लोगों को बड़ी राहत दी है. हालांकि ऊर्जा मंत्री ने ये भी माना कि विभाग को अभी इसमें काफी घाटा हो रहा है, पर जल्द नये स्रोतों को विकसित कर इस घाटे को पूरा कर लिया जाएगा.
ऊर्जा मंत्री का कहना है की यदि प्रति परिवार महीने में 100 यूनिट तक बिजली खर्च करता है, तो उसे बिजली का बिल नहीं भरना होगा. वहीं 100 से 200 यूनिट के बीच यदि कोई परिवार बिजली खर्च करता है तो उसे 50% बिजली के दाम अदा करने होंगे.
200 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले लगभग 13 लाख कनेक्शन हैं, जिनको इसका सीधा फायदा होगा. वहीं हरक सिंह रावत का कहना है कि 100 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले 8 लाख उपभोक्ताओं को इससे सीधा फायदा होगा, जिससे प्रदेश के गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी. रावत का कहना है की जल्द ही कैबिनेट में इसको लेकर प्रस्ताव आ जाएगा जिसके बाद निशुल्क बिजली मिलना शुरू हो जाएगा.
क्या था केजरीवाल का प्लान?
मालूम हो कि इससे पहले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि अगर पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है तो पहले ही आदेश में पंजाब के तमाम लोगों को 300 यूनिट प्रति परिवार मुफ्त बिजली दी जाएगी. साथ ही 24 घंटे तक बिजली की मुफ्त सप्लाई भी पंजाब के लोगों को दी जाएगी.
सीएम केजरीवाल ने यह भी ऐलान किया था कि ऐसे लोग जिनके पुराने बिजली के बिलों में कोई गड़बड़ थी या फिर अधिक बिल आने की वजह से वो लोग पैसे जमा नहीं करवा पाए उनके भी सभी बिल पूरी तरह से माफ किए जाएंगे और उनके बिजली कनेक्शन दोबारा से शुरू किए जाएंगे.