उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने के 5वें दिन उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्या राहत और बचाव के काम का जायजा लेने पहुंची, लेकिन उन्हें टनल में फंसे लोगों के परिवार के आक्रोश का सामना करना पड़ा. पीड़ित परिवार राज्यपाल के सामने फूट फूट कर रोए और उनसे राहत-बचाव कार्य में तेजी लाने की गुहार लगाते रहे.
फूट-फूट रोते एक परिजन ने कहा कि हम पांच दिन यहां अपने लोगों की तलाश में भटक रहे हैं, अभी तक हमें कोई जानकारी नहीं मिली, राहत और बचाव कार्य में अड़चनें आ रही हैं, घरवाले बार-बार पूछ रहे हैं, अब मैं क्या उनको जवाब दूं. इस पर उपराज्यपाल बेबी रानी मौर्या ने कहा कि बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है, और बड़ी-बड़ी मशीनों को मंगवाया जा रहा है, कुछ मुंबई से तो कुछ हिमाचल से आ रही हैं.
उपराज्यपाल बेबी रानी मौर्या ने कहा कि कल शाम तक मशीनें पहुंच जाएंगी, आपको इतनी तसल्ली रखनी पड़ेगी, मैं आपके साथ हूं, मुझे भी अच्छा नहीं लग रहा है कि आपके परिजन फंसे रहे, तसल्ली तो करनी पड़ेगी, अब क्या ही कर सकते हैं, मैं कल फिर आऊंगी और रेस्क्यू टीम को निर्देश देकर जा रही हूं कि जितनी जल्दी हो सके फंसे लोगों को बाहर निकाला जाए.
राज्यपाल बेबी रानी मौर्या ने कहा कि रेस्क्यू टीम ने मुझे आश्वस्त किया है कि हम और रास्ते निकाल रहे हैं, ताकि टनल में जल्दी से जल्दी पहुंचा जा सके और फंसे लोगों को बाहर निकाला जा सके, कुछ संसाधन मुंबई से और कुछ संसाधन हिमाचल से आ रहे हैं, यह काम नहीं कर रहे हैं, इसलिए और संसाधन मंगाए गए हैं.
इस बीच तपोवन टनल में राहत कार्य़ रोकना पड़ा है. अलकनंदा नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से वहां अफरा-तफरी मच गई है. राहत एजेंसियो ने ऐहतियातन लोगों को वहां से हट जाने को कहा है. डर है कि जलस्तर बढ़ जाने से सुरंग के भीतर भी हालात बदल सकते हैं.