Monsoon 2022: उत्तर भारत के कई राज्यों में मॉनसून की एंट्री हो चुकी है. उत्तराखंड में भी जमकर बारिश हो रही है. बीती रात से ही देहरादून समेत कई जिलों में बरसात जारी है. मौसम विभाग (IMD) ने अगले पांच दिनों के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है, जोकि सच साबित होता दिख रहा है. बागेश्वर जिले में बारिश के चलते हालात खराब हो गए हैं, जबकि चारधाम यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
जानकारी के अनुसार, बागेश्वर जिले में मॉनसून के सीजन की शुरुआत हो चुकी है. हिमालयी क्षेत्र से सटे कपकोट क्षेत्र में रोजाना हो रही बारिश का असर सड़कों पर भी पड़ने लगा है. बागेश्वर के कपकोट में भारी बारिश ने तबाही मचाई हुई है. यहां की 22 से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं. 60 गावों का जिला मुख्यालयों से सम्पर्क टूट चुका है. साथ ही एक घर बहने की भी सूचना है. कई क्षेत्रों में नेटवर्क न होने की वजह से सूचनाएं पहुंचने में देरी हो रही है.
बागेश्वर जिले से निकलने वाली सरयू नदी पर भी बड़ी लैंडस्लाइड की वजह से एक विशालकाय झील का निर्माण हो चुका है. यह नदी चमोली जिले से होकर गुजरती है, जो पानी का जलस्तर बढ़ने पर किसी बड़ी आपदा को लेकर आ सकती है. प्रशासन भी लगातार इस झील पर नजर बनाए हुए है, लेकिन सड़क से काफी दूर होने के कारण अभी तक इसके पानी को नहीं निकाला जा सका है. प्रशासन का कहना है कि वहां तक जेसीबी मशीन पहुंचाने के लिए प्रयास किया जा रहा है.
कपकोट में बारिश के कारण आई आपदा का विधायक सुरेश गड़िया ने जायजा लिया और कहा कि इस संबद्ध में सभी प्रशासनिक अधिकारियों व आपदा विभाग की टीमों को यथोचित कदम हेतु निर्देशित किया गया है. मुख्यमंत्री से भी इस संबंध में लगातार संपर्क में हूं. आपदा की इस घड़ी में क्षेत्र की जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूं.
बारिश के चलते गढ़वाल के चमोली जिले में बद्रीनाथ राजमार्ग भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो रहा है. कल भी कई जगह मार्ग बंद था. हालांकि उसको अब सुचारू किया जा चुका है. उधर, केदारनाथ में भी जमकर बारिश हो रही है, जिससे यात्रियों को पैदल आवाजाही करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. चारधाम यात्रा अपने जोरों पर है ऐसे में खतरनाक बारिश की वजह से यात्रियों को सावधान रहने की जरूरत है.