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उत्तराखंड: चमोली प्रशासन से बातचीत के बाद लोगों ने खत्म किया आंदोलन 

बद्रीनाथ धाम के तीर्थ पुरोहित, पंडा समाज और स्थानीय लोगों चमोली प्रशासन से बातचीत के बाद अपने आंदोलन खत्म कर दिया है. प्रशासन ने बातचीत के दौरान स्थानीय लोगों की मांग को मान लिया है.

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बद्रीनाथ मंदिर. (फाइल फोटो)
बद्रीनाथ मंदिर. (फाइल फोटो)

बद्रीनाथ धाम के तीर्थ पुरोहित, पंडा समाज और स्थानीय लोगों बीते कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे. इसको लेकर ये लोग प्रशासन से बातचीत भी कर रहे थे. अब जानकारी आ रही है कि प्रशासन और पंडा समाज, तीर्थ पुरोहित, स्थानीय लोगों के बीच बात बन गई है. 

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एसडीएम जोशीमठ, चंद्रशेखर वशिष्ठ और आंदोलनकारियों के बीच हुई बातचीत में मंदिर दर्शन के लिए जो तीन सौ रुपये की पर्ची कटवाकर वीआईपी दर्शन को बंद करने की मांग की थी, जिसको प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है.

मास्टर प्लान के तहत हो रहे कार्यों के चलते मंदिर के पास के पक्के घरों को तोड़ा कर टीन शेड का वीआईपी रूट बनाया गया था. जिससे रास्ते में बैरिकेड लगाए गए थे. इससे स्थानीय लोगों, पंडा समाज और तीर्थ पुरोहितों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.

वहीं, मंदिर की कुबेर गली में जो वीआईपी हाउस बनाया है. वहां रास्ता भी स्थानीय लोगों के लिए परेशानी बनाया हुआ था. इसको तत्काल हटा लिया गया है. अब मंदिर में स्थानीय लोगों और तीर्थ पुरोहित बिना रोकटोक के आ जा सकेंगे.

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इसके अलावा सुबह 11 बजे एक बैठक में फैला लिया गया है कि जिसमें एक कमेटी का गठन किया जाएगा और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर तीर्थ पुरोहित, स्थानीय प्रशासन के सामने रखेंगे. अपनी मांगे पूरी होने के बाद फिलहाल बद्रीनाथ के बाजार को खोल दिया गया है और आंदोलनकारी साकेत चौराहे से उठकर अपने-अपने घर और दुकानों की ओर चले गए.

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