उत्तराखंड में इस बार जमकर बर्फबारी हो रही है. इस बार की बर्फबारी ने पिछले 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. मौसम विभाग की माने तो पिछले सालों की तुलना में इस साल ज्यादा बर्फबारी देखने को मिल रही है. कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक के ऊंचे इलाको में बर्फ की सफेद चादर के साथ-साथ इस बार निचले इलाकों में भी बर्फबारी हुई है.
पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश होने से उत्तराखंड में जबरदस्त ठंड पड़ रही है. इस बार की बर्फबारी ने पिछले कई साल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. इस तरह का हिमपात बहुत लंबे समय बाद हुआ है. मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह का कहना है कि यह बर्फबारी अच्छी खेती से लेकर बागवानी तक के लिए फायदेमंद साबित होगी.
कोहरे के साथ कंपाने वाली ठंड
हालांकि, अभी मैदानों में धुंध और कोहरे के साथ कंपकपी लोगों को ठंड का अहसास कराएगी. मौसम विभाग की माने तो दिसम्बर से लेकर अब तक प्रदेश में अच्छी बर्फबारी हुई है. 6 से 8 जनवरी तक बहुत कम ऊंचाई वाले स्थानों में भी इस बार काफी बर्फबारी हुई है. टिहरी, उत्तरकाशी, मसूरी, चकराता, जोशीमठ और अंदर के जिलों में भी भारी बर्फबारी हुई है. मुक्तेश्वर में अच्छी खासी बर्फबारी देखने को मिली है.
मौसम विभाग ने शुक्रवार यानी 10 से 12 तक मौसम के साफ रहने का अनुमान जताया है. मौसम विभाग के मुताबिक अब जो लोग बर्फ का आनन्द लेना चाहते हैं वो अब उन स्थानों पर जा सकते हैं क्योंकि 12 तक धूप खिली हो सकती है. हालांकि मैदानी इलाकों को कोहरा अभी भी परेशान करेगा.
खासतौर पर हरिद्वार और उधमसिंह नगर जैसे मैदानी इलाकों में कोहरा लोगों की ठिठुरन बढ़ाएगा, हालांकि रात को तापमान में गिरावट लगातार जारी रहेगी और न्यूनतम तापमान रात को खास तौर गिरेगा. बाकी जगह आने वाली 12 तारीख तक मौसम साफ होने की उम्मीद है.
फायदेंमद साबित होगी ये बर्फबारी
इस बार की बर्फबारी न केवल स्थानीय व्यापारियों बल्कि किसानों के लिए भी काफी फायदेमंद साबित होगी. खासतौर पर बागवानी जैसी खेती जैसे सेब आदि की फसलों के लिए काफी साबित होगी. साथ ही सीजनल फसल जैसे गेहूं, जौ आदि की पैदावार भी बढ़ेगी. किसानों के लिए भी ये अच्छी खबर है.
साथ ही काफी साल से जो मौसम में बदलाव देखा जा रहा था खासतौर पर हिमालय के राज्यों में जहां के मौसम का पूरे देश पर असर पड़ता था. अब उनका मौसम अब काफी कुछ अच्छा हो रहा है क्योंकि इस बर्फबारी से मौसम बदलाव की चीजें भी थमेगी जो कि एक सुखद संकेत है.
पर्यटकों की संख्या बढ़ी
उत्तराखंड में हुई जबदस्त बर्फबारी से जहां एक ओर पर्यटकों का भारी संख्या में उत्तराखंड की ओर रुख कर रहे हैं जिससे स्थानीय व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं. वहीं स्थानीय लोगो की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं. कई जगह पानी जम गया है तो कई जगह बिजली भी गुल है. वहीं कई जगह अब भारी बर्फबारी से रास्ते बंद हो गए हैं जिसके लिए अब प्रशाशन ने बन्द रास्तों को खोलने की कवायद शुरू कर दी है.
प्रशासन ने कई जेसीबी मशीने को बन्द रास्तों को खोलने की कोशिश करने में लगा दी है क्योंकि अभी भी प्रदेश के कई जगहों पर भारी बर्फबारी से रास्ते बंद होने से यात्री भी फंसे हुए हैं, आपदा प्रबंधन उन रास्तों को खोलने में लग गया है. बहरहाल एक ओर प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है तो पर्यटकों से लेकर स्थानीय व्यापारी काफी खुश हैं.
यही नहीं पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. जिससे आम जन-जीवन, अस्त-व्यस्त हो गया है. मौसम विभाग के अलर्ट के बाद आपदा विभाग समेत प्रशासन अलर्ट नजर आ रहा है. जिन क्षेत्रों में अधिक बर्फबारी होने की संभावना है, वहां जेसीबी के साथ ही चूना, नमक आदि की भी व्यवस्था की गई है ताकि तत्काल जमी बर्फ को पिघलाया जा सके.
आपदा विभाग समेत प्रशासन अलर्ट पर
अगर बहुत अधिक बर्फबारी होती है और यातायात अवरुद्ध होता है तो उसके लिए सड़कों के किनारे जेसीबी, स्टोन कटर आदि की भी व्यवस्था की गई है. ताकि उस दौरान जेसीबी के माध्यम से सड़कों से बर्फ को हटाया जा सके, ताकि यातायात को सुचारू रूप से चलाया जाए.
आपदा विभाग के निदेशक पीयूष रौतेला ने बताया कि इस सीजन में बहुत अच्छी बर्फबारी हुई हैं. क्योंकि पिछले साल दिसम्बर महीने से ही बर्फबरी होनी शुरू हो गई है. जिससे न सिर्फ स्थानियों फलों का उत्पादन बढ़ेगा बल्कि उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होगा जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा.
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हुई भारी बारिश से कुछ जगहों पर यातायात बाधित हुआ है लेकिन वर्तमान समय में थल मुनस्यारी और चोपता, मंडल रोड बर्फबारी के कारण बंद है. बाकी प्रदेश में यातायात सुचारु रूप से चल रहा है.