उत्तराखंड सरकार ने सोमवार को चार धाम यात्रा शुरू करने की घोषणा कर दी थी लेकिन बाद में सूबे की तीरथ सिंह रावत सरकार अपने फैसले से ही पलट गई. सोमवार को सरकार ने तीन जिलों, जिनमें रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जनपद के लोगों के लिये चार धाम यात्रा खोल दी थी और नेगेटिव रिपोर्ट के साथ लोगों को जाने की छूट दे दी थी. हालांकि शाम होते-होते सरकार ने अपने फैसले को पलट दिया. अब इसपर सरकार ने रोक लगा दी है.
इसके पीछे देवस्थानम बोर्ड का मामला न्यायालय में होना बताया जा रहा है. सवाल ये कि क्या सरकार को इसकी पहले जानकारी नहीं थी? तीर्थ पुरोहित भी लगातार सरकार से चार धाम यात्रा खोलने की मांग कर रहे हैं. प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और मंत्री सुबोध उनियाल ने इस पर सफाई दी और कहा कि जब देवस्थानम बोर्ड को तीन जिलों की यात्रा खोलने के सम्बंध में निर्देश दिये गए कि वह इसको लेकर गाइडलाइन जारी करें तो बोर्ड ने इस प्रकरण को सामने रखा जिसके बाद गाइडलाइन जारी करना संभव नहीं था. ऐसे में 16 जून को होने वाली हाई कोर्ट की तारीख के बाद ही इस पर कोई फैसला होगा.
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बता दें कि उत्तराखंड सरकार द्वारा गठित देवस्थानम बोर्ड का मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है. 16 जून को प्रदेश सरकार को न्यायालय में चारधाम यात्रा पर अपना पक्ष रखना है. इसके बाद ही सरकार चारधाम यात्रा के संबंध में निर्णय लेगी. शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने माना कि चारधाम यात्रा का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने से फैसले में परिवर्तन किया गया. चारधाम यात्रा को चरणबद्ध ढंग से शुरू करने पर पहले प्रदेश सरकार निर्णय लेगी. इसके बाद उसके पर्यटन विभाग यात्रा के संचालन को लेकर अलग से एसओपी जारी करेगा.