उत्तराखंड के हल्द्वानी में बनभूलपुरा क्षेत्र में हुई हिंसा के बाद नैनीताल के पर्यटन कारोबार में 50% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है. वेलेंटाइन वीक के लिए जिन पर्यटकों ने बुकिंग कराई थी वो उन बुकिंग को कैंसिल करने लगे हैं. वीकेंड पर नैनीताल शहर और उसके आस पास स्थित पिकनिक स्पॉटों पर पर्यटकों की आवाजाही बेहद कम रही. ऐसे में वेलेंटाइन वीक का पर्यटन कारोबार प्रभावित होने के आसार हैं.
हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में लगे कर्फ्यू से भी नैनीताल के पर्यटन कारोबार पर असर पड़ा है. हल्द्वानी से नैनीताल जाने वाली टैक्सी व्यवसाय भी पूरी तरह से चौपट हो गया है क्योंकि अधिकांश टैक्सी चालक शहर के बनभूलपुरा क्षेत्र के रहने वाले थे. कर्फ्यू लगने के बाद से टैक्सी चालक अपने घरों से नहीं निकल पा रहे हैं, यही कारण है कि हल्द्वानी से नैनीताल और पहाड़ के दूसरे स्थान तक जाने के लिए टैक्सी नहीं मिल पा रही है.
टैक्सियां न मिलने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हल्द्वानी से रोजाना नैनीताल करीब 70 से 80 टैक्सी वाहनों के माध्यम से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटक सफर करते हैं लेकिन शहर में कर्फ्यू के बाद से हल्द्वानी और नैनीताल के टैक्सी स्टैंड पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है.
हल्द्वानी में भी घटना के बाद से नैनीताल आने वाले पर्यटक डरे हुए हैं, वहीं कर्फ्यू के चलते पर्यटक नैनीताल आने से कतरा रहे हैं. इसको लेकर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने कहा कि हल्द्वानी से नैनीताल करीब 70 से 80 टैक्सी के माध्यम से करीब 2000 यात्री सफर किया करते थे. जिसमें से अधिकांश टैक्सियां हल्द्वानी की है.
उन्होंने कहा, हल्द्वानी में लगे कर्फ्यू के बाद से टैक्सी संचालन बंद है जिसके चलते यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. उन्होंने कहा कि बिना किसी शंका या डर के वेलेंटाइन वीक पर पर्यटक नैनीताल आ सकते हैं.
बिष्ट ने कहा हिंसा और कर्फ्यू का असर सिर्फ बनभूलपूरा क्षेत्र में है, बाकी नैनीताल जिले के अन्य पर्यटक स्थलों पर इसका कोई असर नहीं है. नैनीताल आने के लिए पर्यटकों को कोई परेशानी नहीं होगी क्योंकि बाहर से आने वाले पर्यटक रामनगर और कालाढूंगी होते हुए आसानी से नैनीताल जा सकते हैं . अब बनभूलपुरा को छोड़कर हल्द्वानी के अन्य क्षेत्रों से कर्फ्यू हटा लिया गया है तो हल्द्वानी होते हुए भी आसानी से नैनीताल जाया जा सकता है.