उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल से पानी निकालने का काम जो इस सप्ताह शुरू होना था, सुरक्षा चिंताओं के कारण रोक दिया गया है. राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी.
एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक कर्नल दीपक पाटिल ने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) कर्मियों और NHIDCL इंजीनियरों ने सुरंग के अंदर एक मॉक ड्रिल करनी थी, ताकि यह आकलन किया जा सके कि टनल से पानी निकालने का काम किया जा सकता है या नहीं, लेकिन उन्हें लगा कि यह जोखिम भरा हो सकता है.
बता दें कि पिछले साल 12 नवंबर को सुरंग का कुछ हिस्सा ढह गया था, जिसके चलते 41 मजदूर 17 दिनों तक टनल में फंसे रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि ऐसा महसूस किया गया कि सुरंग के टूटे हुए हिस्से की मरम्मत किए बिना पानी निकालने का काम शुरू करने से भूस्खलन हो सकता है और लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है.
पीटीआई के मुताबिक अधिकारी ने बताया कि सुरंग के टूटे हुए हिस्से के पास सुरंग की छत पर दरारें देखी गई हैं. इसलिए सुरंग के अंदर डीवाटरिंग के लिए जाने से पहले टूटे हुए हिस्से की मरम्मत करने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि मलबे के दूसरे छोर पर डीवाटरिंग की जानी है.