16 मई ही वो तारीख है, जब 4 साल पहले 2008 को सनसनीखेज आरुषि हत्याकांड का खुलासा हुआ था और अपने ही घर से आरुषि की लाश बरामद हुई थी. महीनों की तफ्तीश और कोर्ट कचहरी के बाद आरुषि हत्याकांड की उपलब्धि यही है कि केस अब भी वहीं अटका पड़ा है. शक की सुई तलवार दंपत्ति पर है और गाजियाबाद की विशेष अदालत में ट्रायल चल रहा है.