उसकी कमजोरी एक लड़की थी. उसकी राजदार भी एक लड़की थी और उसकी जिद भी एक लड़की थी. वो सांस भी लेता था तो उसकी खबर उसकी महिला गैंग को होती थी. उसे कोई भी काम करवाना होता था तो उसकी जिम्मेदारी एक महिला ही लेती थी. ऐसा था गोपाल कांडा का लड़कियों के लिए प्रेम.