आरुषि की हत्या हो गई. देश इस कांड से मानो हिल गया. देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई ने दो साल तक केस की जांच की और आखिरकार बिना किसी नतीजे के फाइल बंद कर दी. इस फाइल में सीबीआई ने ये जरूर लिखा कि केस में पिता एक मात्र संदिग्ध हैं लेकिन उनके खिलाफ सबूत नहीं मिले.