नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दायर 141 अर्जियों के पर थोड़ी देर में सबसे बड़ी अदालत सुनवाई करेगी. अलग-अलग संगठन और नेताओं और सामाजिक संगठनों ने अपनी याचिका में कानून को गैरसंवैधानिक बताया है. कोर्ट सभी अर्जियों की सुनवाई एक साथ करेगी. मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यों की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने 18 दिसंबर को सीएए की संवैधानिकता की समीक्षा करने का फैसला किया था. लेकिन इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. सीएए के खिलाफ 141 अर्जियों में कांग्रेस नेता जयराम रमेश, ओवैसी और टीएमसी की महुआ मोइत्रा की याचिका भी शामिल है.
The Supreme Court is scheduled to hear on Wednesday a batch of pleas seeking to examine the constitutional validity of the Citizenship (Amendment) Act (CAA). A bench, headed by Chief Justice SA Bobde, is likely to hear a batch of 143 petitions, including those filed by the Indian Union Muslim League (IUML) and Congress leader Jairam Ramesh. The court has already issued a notice to the Centre, seeking its response on the issue.