पांच महीने में ही पाकिस्तान(Pakistan) की अकड़ ढीली पड़ गई. भारत के साथ व्यापारिक संबंध खत्म करने की धमकी देने वाला पाकिस्तान कंगाली की कगार पर है. लोग रोटी के मोहताज हो रहे हैं और इमरान खान मदद का कटोरा लेकर भारत के सामने खड़े हो गए हैं. इमरान खान ये भूल गए कि आतंकवाद का समर्थन वो दोधारी तलवार है जिससे वो भी जख्मी हो रहा है. पाकिस्तान भारत में आतंक फैलाने में लगा रहा खुद उसकी इकोनॉमी रसातल में जाती रही. हालात इतने खराब हो गए हैं कि अब हाथ-पांव मारने से भी कुछ नहीं फायदा होने वाला.