देश की राजधानी पर जिस तरह से स्मॉग की जहरीली चादर फैली है. 65 साल पहले लंदन में ऐसा हो चुका है. 1952 में दिसंबर के पहले हफ्ते में लंदन में स्मॉग में तब्दील हुए प्रदूषण ने हजारों लोगों की जान ले ली थी. उस वक्त कोयले का इस्तेमाल ज्यादा होता था. ठंड में वह और अधिक हो जाता था. कारखानों की चिमनियों और घरों से निकलने वाले धुएं ने पांच दिसंबर 1962 को लंदन के वातावरण को विषाक्त करना शुरु कर दिया था. वैसा ही नजारा इन दिनों देश की राजधानी का है.