इस वीडियो में हम आपको वो पुल दिखाएंगे जो भारतीय जांबाजों की शक्ति का प्रतीक बन गया है. पहले नदी के ऊपर यहां पतला सा लोहे का ब्रिज था. इतना पतला कि इससे न टैंक गुज़र सकते थे न तोप और बड़े वाहन.मगर तीन महीनें के भीतर बीआरओ ने यहां ऐसा पुल बनाया है, कि चीन तड़प उठा है. चीन की तड़प इसीलिए तो बढ़ी है, उसे डर सताने लगा है कि अगर रास्ते अच्छे हुए, पुल मजबूत हुए तो उसकी हर नाफरमानी का जवाब पलक झपकते मिलेगा,बगैर देरी किए भारत के जांबाज इन्हीं रास्तों से हथियार, तोप टैंक और सैनिक जल्द से जल्द सरहद पर पहुंचा सकते हैं. देखें लेह से ये ग्राउंड रिपोर्ट.