मस्जिद में नमाज पढ़ना इस्लाम धर्म का अभिन्न अंग है या नहीं, इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में शुरू हो गई है. सुप्रीम कोर्ट के जजों ने अपना फैसला पढ़ना शुरू कर दिया है. इस मामले पर दो फैसले पढ़े जाएंगे. जस्टिस अशोक भूषण, अपना और चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा का फैसला सुनाएंगे. जबकि जस्टिस नजीर अपना फैसला अलग पढ़ेंगे.
In the 24-year-old Ismail Faruqui judgment, the Supreme Court had ruled that mosque.