पिता शिक्षा मंत्री हैं और बच्चे बारहवीं की परीक्षा पास नहीं कर पा रहे. कोई इसे चिराग तले अंधेरा कह सकता है और कोई झारखंड के मंत्री वैद्यनाथ राम को ईमानदारी की मिसाल बता सकता है.