मारा गया कसाब लेकिन सवाल अभी भी जिंदा हैं. इंसाफ अभी पूरा नहीं हुआ है. आज भी सुलग रहे हैं वो सवाल जो मांग रहे हैं बेगुनाहों के खून का हिसाब. सवाल आतंक के उन आकाओं को कानून के फंदे में लाने का, जिन्होंने हिंदुस्तान को लहुलुहान करने के लिए कसाब को बनाया.