बात की उस रात की जिसमें आंखें खोलना मना है. एक खास इलाके में जो कुछ होता है उसे देखने की इजाजत किसी को नहीं. ये सिलसिला सदियों पुराना है लेकिन इस रास का गवाह कोई नहीं बन पाया है.