बीस सालों से हर 21 मई को भारत का ये सबसे शक्तिशाली परिवार यूं ही गुलाब की पंखुड़ियों से अपने मुखिया को श्रद्धांजलि देता आ रहा है. मौत के स्याह रंग को जिंदगी से भरे सफेद फूलों की श्रद्धांजलि. तमाम मुश्किलों के बीच एक बहुत बड़ी त्रासदी की याद को संजोए हुए है ये परिवार.