तीन लीटर दूध, दो किलो चावल और तीन बाल्टी पानी. ये रेसिपी है उस खीर की जो सहारनपुर के सरकारी स्कूल में बच्चों को परोसी गई. बच्चों के लिए मिड डे मील पकाने वाली महिलाएं खुद इस नायाब रेसिपी की गवाही दे रही हैं और तस्वीरें तो साक्षात सबूत हैं ही. बच्चों को स्कूल तक लाने और 12 कक्षाओं तक रोके रखने के लिए सरकार करोड़ों रुपए खर्च करके तमाम योजनाएं चलाती है. मिड डे मील, मुफ्त यूनिफॉर्म, बैग और जूते इसी मकसद से बच्चों को बांटे जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन योजनाओं में कैसे पानी मिलाया जाता है, ये तस्वीरें खुली किताब की तरह सबकुछ बयां कर रही हैं. ये वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग तक पहुंचा तो सफाई दी गई कि खीर तो स्कूल के मेन्यू में ही नहीं है. वीडियो देखें.