एलॉन मस्क का सपना मार्स पर लोगों को भेजना है. ये कब पूरा होगा फिलहाल साफ नहीं है. लेकिन इससे पहले एक दूसरी दुनिया में लोग प्रवेश कर लेंगे और वो दुनिया है Metaverse. एक ऐसी दुनिया जो असली नहीं है, लेकिन इस वर्चुअल दुनिया में भी आप जमीन खरीद कर आप वहां घर बना सकते हैं. बिजनेस कर सकते हैं, पैसे कमा सकते हैं. म्यूजिशियन हैं तो कॉन्सर्ट कर सकते हैं. आर्ट गैलरी लगा सकते हैं, या यों कहें कि आप वहां वो सबकुछ कर सकते हैं जो असल दुनिया में करते हैं.
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सितारों के आगे जहां और भी हैं...
मेटावर्स एक ऐसी वर्चुअल दुनिया है जहां वो सब कर सकते हैं जो आप असल दुनिया में करते हैं. शुरुआत करते हैं Web 1.0 से, दरअसल इंटरनेट की शुरुआत जब हुई थी तो ज्यादातर चीजें टेक्स्ट के फॉर्म में हुआ करती थीं. इसके बाद आया Web 2.0 जो अभी मौजूदा समय में है. Web 2.0 में टेक्स्ट के अलावा सबकुछ है. ऑडियो और वीडियो ही नहीं, बल्कि 3D और इमर्सिव एक्स्पीरिएंस भी Web 2.0 में मिलता है.
सवाल ये है कि Web 2.0 के बाद क्या? यहीं से शुरू होती है मेटावर्स की कहानी. क्योंकि Meravese को Web 3.0 कहा जा रहा है. इसलिए ऐसा कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि आने वाले 5 से 10 साल में इंटरनेट यूज करने का तरीका पूरी तरह से बदल जाएगा और लोग मेटावर्स, यानी एक नई दुनिया में शिफ्ट हो चुके होंगे.
2022 में Metaverse रहेगा ट्रेंडिंग कीवर्ड!
Cryptocurrency के बाद जो टर्म अगले कुछ सालों तक ट्रेंड करेगा वो है – Metaverse. आप इसे फेसबुक से जोड़ कर न देखें. चूंकि हाल ही में फेसबुक ने अपना नाम बदल कर Meta कर लिया है, इसलिए लोग Metaverse को फेसबुक के साथ जोड़ कर देख रहे हैं. लेकिन ऐसा नहीं है. Metaverse दरअसल एक टर्म है. रियल वर्ल्ड जहां हम और आप रहते हैं और Metaverse को आप वर्चुअल वर्ल्ड की तरह समझ सकते हैं.
जैसे असली दुनिया में मकान बनाने या दुकान खोलने के लिए आपको लैंड की जरूरत होती है. ठीक इसी तरह Metaverse में रहने के लिए, दुकान खोलने के लिए, खेलने के लिए या कॉन्सर्ट आयोजित करने के लिए लोग वर्चुअल प्लॉट खरीद रहे हैं. हां, इसके लिए पैसे असली ही देने होते हैं. Metaverse में आए दिन जमीन खरीदने के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं. लोग करोड़ों रुपये दे कर मेटावर्स में वर्चुअल प्लॉट खरीद रहे हैं.
सबसे पहले ये जानेंगे कि Metaverse क्या होता है और ये काम कैसे करता है. क्या अगले कुछ सालों के अंदर मेटावर्स इंटरनेट को रिप्लेस कर देगा? मेटावर्स का भविष्य क्या है और ये क्या कमाल कर सकता है. मेटावर्स में अभी तक क्या चल रहा है, इन सब के बारे में आप इस आर्टिकल में पढ़ेंगे.
Metaverse का आईडिया कहां से आया?
1992 में स्टीवन स्टीफेंसन ने अपनी Snow Crash नाम की साइंस फिक्शन नॉवेल में Metaverse टर्म का इस्तेमाल किया था. उन्होंने कल्पना की थी कि मेटावर्स एक स्पेस होगा जहां लोग अपने अवतार के जरिए एक दूसरे से बातचीत कर पाएंगे. क्या आपने कभी सोचा था कि लोग वर्चुअल जमीन खरीदने के लिए अरबों रुपये देंगे? ये सच है. दरअसल Metaverse में अब लोग वर्चुअल लैंड खरीद रहे हैं.
क्या है मेटावर्स?
मेटावर्स के लिए कई अलग-अलग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता. इसमें ऑग्मेंटेड रियलिटी, वर्चुअल रियलिटी और वीडियो टूल का इस्तेमाल किया जाता है. मेटावर्स का कॉन्सेप्ट ये है कि एक डिजिटल स्पेस में लोग एक दूसरे के साथ डिजिटली साथ हों.
मेटावर्स को अलग अलग जगहों पर यूज किया जा सकता है. गेमिंग सेक्टर से लेकर मीटिंग और एक दूसरे के साथ बातचीत करने तक को इसमें शामिल किया जाएगा. आसान शब्दों में कहें तो एक ऐसी दुनिया जहां आपकी एक आईडेंटिटी होगी – आप घर पर होंगे, लेकिन आपका अवतार मेटावर्स में होगा. हालांकि उसे कंट्रोल आप ही करेंगे.
उदाहरण के तौर पर अगर आप मेटावर्स में हो रहे किसी लाइव कॉन्सर्ट में हिस्सा लेना है तो आप ये भी कर सकते हैं. ये वीडियो फॉर्मेट के कॉन्सर्ट से अलग होगा. क्योंकि यहां इस कॉन्सर्ट में आपका अवतार दूसरे लोगों के साथ उपस्थित होगा. आप मेटावर्स के लिए यूज की जाने वाली डिवाइस के जरिए ये महसूस कर पाएंगे कि आप भी उस कॉन्सर्ट में हिस्सा ले रहे हैं और लोगों के साथ इंजॉए कर रहे हैं, क्योंकि वहां दूसरे लोग भी अवतार के रूप में होंगे और आप उनसे वहां पर ही बातचीत भी कर सकेंगे.
लोग घर बैठे ही अपने अवतार के जरिए डिजिटल स्पेस में एक दूसरे से मिल सकेंगे, बातें कर सकेंगे और साथ में गेमिंग भी कर सकेंगे. यहां तक कि डिजिटल स्पेस में अपने अवतार के जरिए लोग दुनिया भर की वर्चुअल ट्रिप्स भी कर सकते हैं.
फेसबुक ने मेटावर्स पर काफी काम कर लिया है. कंपनी ने Horizon Workroom नाम का एक मीटिंग सॉफ्टवेयर तैयार किया है. इसे Oculus VR हेडसेट को लगाकर यूज किया जाता है. इस सॉफ्टवेयर और Oculus VR हेडसेट को यूज करके आप मीटिंग में अपना अवतार रख सकते हैं.
मेटावर्स में करोड़ों में बेचे जा रहे हैं प्लॉट्स...
टेक वर्ल्ड में वर्चुअल लैंड की बिक्री ट्रेंड में है और लोग तेजी से मेटावर्स में जमीन भी खरीद रहे है. ये लैंड नॉर्मल लैंड से काफी अलग है या यों कहें तो ये आभासी है और इस पर असली घर नहीं बना सकते हैं. फिर भी इसके लिए लोग अरबों रुपये क्यों दे रहे हैं? आइए जानने की कोशिश करते हैं.
फेसबुक और माइक्रोसॉफ्ट सहित दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों ने अरबों डॉलर्स का निवेश मेटावर्स में कर रहे हैं. मेटावर्स को नेक्स्ट जेनेरेशन वेब भी माना जा रहा है जहां लोग वर्चुअली एक दूसरे के साथ समय बिताएंगे.
पॉपुलर मेटावर्स प्लैटफॉर्म सैंडबॉक्स ने पिछले महीने 4.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर्स (लगभग 32 करोड़ रुपये) का वर्चुअल लैंड बेचा है. मेटावर्स के इस वर्चुअल लैंड को अमेरिका की एक वीडियो गेम कंपनी के डेवेलपर Republic Realm ने खरीदा है.
अमेरिका के न्यू यॉर्क शहर बेस्ड ये कंपनी दरअसल मेटावर्स में रियल स्टेट का काम कर रही है. जैसे आप घर खरीदने जाते हैं तो रियल स्टेट कंपनी या ब्रोकर से संपर्क करते हैं ठीक उसी तरह से मेटावर्स में भी अब रियल स्टेट कंपनियां स्टैब्लिश हो रही हैं.
इसी हफ्ते हॉन्ग कॉन्ग के एक अरबति ने मेटावर्स कंपनी The Snadbox से मेटावर्स में एक बड़ा प्लॉट खरीदा है. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक 42 साल के अरबति ने कहा है कि वो मेटावर्स में खरीदे गए प्लॉट में GPA Pavallion बनाएंगे जहां स्टार्ट अप अपने प्रोडक्ट्स को वर्टुअली बेच सकेंगे.
इससे पहले Tokens.com की सबसिडरी Metaverse Group ने भी मेटावर्स में $2.43 Million (लगभग 18.25 लाख रुपये) में वर्चुअल प्लॉट खरीदा है.
सवाल ये है कि वर्चुअल प्लॉट खरीदने के बाद इसका क्या किया जाएगा और इसकी लोकेशन क्या होगी?
मेटावर्स - यानी वर्चुअल दुनिया -- यहां अलग अलग लोकेशन्स और इनवॉयरमेंट हैं. मेटावर्स इकोसिस्टम के अंदर Decentraland ऑनलाइन इनवायरमेंट है जहां उन्होंने वर्चुअल लैंड/वर्चुअल प्लॉट खरीदा है.
मेटावर्स में भी जिले और शहर...
Decentraland और The Sandbox दो सबसे पॉपुलर प्लैटफॉर्म हैं जहां आप मेटावर्स में वर्चुअल प्लॉट्स खरीद सकते हैं. Decentraland दरअसल एक वर्चुअल रियलिटी (VR) प्लैटफॉर्म है जो इथीरियम ब्लॉकचेन पर बेस्ड है.
इस मेटावर्स प्लैटफॉर्म पर कॉन्फ्रेंस या कमर्शियल प्लॉट खरीदे जा सकते हैं. इतना ही नहीं, आर्ट गैलरी, घर और दूसरे लाइव इवेंट्स के लिए प्लॉट्स खरीदे जा सकते हैं.
Decentaland के अंदर पांच जिले हैं. इन जिलों के अंदर कई शहर हैं. इनमें क्रिप्टो वैली, ड्रैगन सिटी, ऐथेरियन सिटी, वेगस सिटी, फैशन स्ट्रीट और डिस्ट्रिक्ट एक्स जैसे शहर हैं. आप यहां प्लॉट खरीद सकते हैं. ये वर्चुअल प्लॉट होगा और खरीदने के बाद आप यहां अपने हिसाब से जो चाहें वो बना सकते हैं.
The Sandbox भी इसी तरह का प्लैटफॉर्म है जहां आप वर्चुअल प्लॉट खरीद सकते हैं. इसके अलावा भी कई मेटावर्स प्लैटफॉर्म है जहां आप वर्चुअल जमीन खरीद सकते हैं.
मेटावर्स में घर खरीदने के लिए आपके पास कई ऑप्शन्स दिए जाएंगे. रोडसाइड में खरीदना चाहते हैं, वॉटर फेसिंग खरीदना चाहते हैं.
मेटावर्स में कंपनियां भी तैयार हो चुकी हैं. The Metaverse Group ऐसी ही एक कंपनी है जो Tokens.com की अफिलिएट है. ये रियल स्टेट कंपनी है जो मेटावर्स में प्लॉट दिलाती है.
द मेटावर्स ग्रुप का हेडक्वॉर्टर भी मेटावर्स में ही है. कंपनी का ग्लोबल हेडक्वॉर्टर्स डीसेंट्रालैंड के क्रिप्टो वैली में है. डिसेंट्रालैंड के बारे में हमने आपको ऊपर बताया है.
मेटावर्स में वर्चुअल लैंड या वर्चुअल प्लॉट खरीद कर वहां वर्चुअल शॉपिंग प्लेस बना सकते हैं. बड़े इवेंट और कॉन्सर्ट्स भी वहां आयोजि किए जा सकते हैं.
हाल ही मे अमेरिकी म्यूजिशियन स्नूप डॉग ने भी मेटावर्स में प्लॉट खरीदा है. आने वाले समय में वो वहां परफॉर्म करेंगे. अगर आप ये सोच रहे हैं कि लाइव परफॉर्मेंस वीडियो में देखे जा सकते हैं तो फिर मेटावर्स में क्या होगा?
दरअसल मेटावर्स में आप खुद अपना अवतार बना कर उस लाइव कॉन्सर्ट में प्लेस कर सकते हैं. आपको ऐसा लगेगा कि आप उस कॉन्सर्ट का हिस्सा हैं. सबकुछ वर्चुअली होगा.
15 साल चलने के बाद अब Web 2.0 खत्म होने को आया है और Web 3.0 यानी Metaverse की शुरुआत हो रही है. कोरोना महामारी की वजह से दुनिया भर में लोगों के मिलने जुलने, मीटिंग करने या बातचीत से लेकर घूमने के भी तरीके बदल गए हैं. पढ़ाई ऑनलाइन हो चुकी है, डॉक्टर कंस्लटेशन से लेकर शादियां तक ऑनलाइन हुई हैं.
ऐसे में मेटावर्स को नए जामाने वेब के तौर पर भी देखा जा रहा है. यही वजह की कंपनियां इस स्पेस में जल्द जल्द अपनी एंट्री करना चाहती हैं और इसके लिए अरबों डॉलर्स के निवेश भी किए जा रहे हैं.
जैसे सोशल मीडिया स्पेस में एक तरह से फेसबुक की मोनॉपली है ठीक उसी तरह से कंपनी मेटावर्स में भी मोनॉपली बनाने की तैयारी में है. मार्क जकरबर्ग का कहना है कि मेटावर्स सोशल मीडिया के लिए नेक्स्ट इवोलुशन की तरह है. लोग एक दूसरे से वर्चुअल स्पेस में बातचीत करेंगे और वो ये फील कर पाएंगे कि ये सबकुछ असल में ही हो रहा है.
मेटावर्स फ्यूचर है...
20 से 30 साल पहले शायद ही किसी ने ये सोचा होगा कि दुनिया इंटरनेट पर डिपेंडेंट हो जाएगी. इसी तरह अगर आपको ये लग रहा है कि मेटावर्स फ्लॉप हो जाएगा तो आप गलत हैं. क्योंकि Web 3.0 के तौर पर मेटावर्स एक सॉलिड फ्यूचर की तरह दिख रहा है.
बारबेडोस ऐसा पहला देश बन गया है जिसने मेटावर्स में अपनी एंबेसी खोलने का ऐलान किया है. बारबेडोस मेटावर्स के डिसेंट्रालैंड में अपना डिप्लोमैटिक कंपाउंड तैयार कर रहा है.
आने वाले समय में कई देशों की एंबेसी खुलेंगी. धीरे धीरे ट्रेंड बदलेगा और वो दिन दूर नहीं जब लोग स्मार्टफोन से ज्यादा मेटावर्स में समय बिताने लगंगे. पैसे कमाने के नए जरिए की तरह भी लोग इसे देख रहे हैं. क्योंकि अभी मेटावर्स में प्लॉट जिस कीमत पर मिल रहे हैं आने वाले समय में उनकी भी कीमतें क्रिप्टोकरेंसी की तरह तेजी से बढ़ने की उम्मीद है.
मेटावर्स के लिए सेक्सुअल हैरेसमेंट एक बड़ा चैलेंज...
Meta (पहले फेसबुक) के वर्चुअल रियलिटी प्लैटफॉर्म Horizon Worlds प्लैटफॉर्म पर एक महिला के साथ छेड़छाड़ हुई. महिला का आरोप है कि Horizon Worlds के अंदर उनके साथ बदसलूकी की गई और हैरेस किया गया. उन्होंने ये भी कहा है कि वर्चुअल रियलिटी प्लैटफॉर्म पर इस सेक्सुअल हैरेसमेंट इंटरनेट से भी बदतर है.
हालांकि Meta का Horizon Worlds प्लैटफॉर्म पूरी तरह से मेटावर्स पर आधारित नहीं है. लेकिन इससे सवाल जरूर उठ रहगे हैं. दरअसल मेटावर्स में लोग अपने अवतार के जरिए एंटर करते हैं. एक दूसरे के साथ हैंडशेक करना, हग करना और ग्रीट करना आम बात है. ऐसे में मेटावर्स में छेड़छाड़ आने वाले समय में बढ़ सकता है, क्योंकि अभी तक वहां इससे बचने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं हैं.
मेटा ने कहा है कि इसकी जांच शुरू कर दी गई है और इस फीडबैक के आधार पर कंपनी ब्लॉक टूल बनाएगी ताकि आगे से इस ऐसे लोगों को प्लैटफॉर्म से बैन किया जा सके.
लेकिन जिस तरह से मेटा के प्लैटफॉर्म फेसबुक पर सेक्सुअल हैरेसमेंट होते रहे हैं और इस पर काबू नहीं पाया गया है. इसी तरह आने वाले समय में मेटावर्स में भी इस तरह की घटनाएं बढ़ सकती हैं. इसलिए कंपनियों को चाहिए की मेटावर्स में एंटर करने पहले सेक्सुअल हैरेसमेंट से बचने के लिए कोई ठोस उपाए करें. क्योंकि मेटावर्स इंटरनेट का फ्यूचर कहा जा रहा है और अगर शुरुआत से लगाम न लगाई गई तो आगे ये प्लैटफॉर्म महिलाओं के लिए असुरक्षित हो सकता है.