पति- देखो मेरे पास आज सुतली बम, फुलझड़ी, अनार, रॉकेट सब कुछ है. तुम्हारे पास क्या है?
पत्नी- मेरे पास वह है जो लगा दूं तो सब खत्म....माचिस!
दिवाली के दिन जब कोई पटाखा थोड़ा सा जलकर फुस्स हो जाता है,
तो उसे पैर से कुचल कर कुछ लोग ऐसे फील लेते हैं
जैसे टाइम बम डिफ्यूज करके दुनिया को बचा लिया हो..
पत्नी- पिछले साल दिवाली के मौके पर आपने लोहे की फोल्डिंग खाट गिफ्ट में दी थी,
इस साल दिवाली पर गिफ्ट में क्या देंगे ?
पति- मन ही मन बोला (फोल्डिंग खाट में बिजली का करंट).
टोलू- एक बार ‘बुरा न मानो होली है!’ यह कहकर किसी ने मुझ पर रंग फेंक दिया था.
शोलू- फिर तुमने क्या किया?
टोलू- बुरा न मानो दिवाली है कहकर मैंने उस पर बम फेंक दिया
आज पूरा मोहल्ला मुझे ढूंढ रहा है.
बेटा (अपनी मां से)- मां, दिवाली आने वाली है
इस बार मैं पटाखे इस दुकान से लूंगा .
मां- नालायक, ये पटाखों की दुकान नहीं, लड़कियों का हॉस्टल है
लड़का- मुझे क्या पता? एक दिन पापा कह रहे थे कि
यहां एक से एक धांसू और रंगीले पटाखे हैं.
मां- चल आज तेरे पापा की दिवाली मनाती हूं.
अगर पटाखे और फुलझड़ी का नाम सुनते ही
आपके दिमाग में लड़कियों का ख्याल जाता है
तो मेरे दोस्त बर्बाद हो चुके हो तुम.
दिवाली पर एक ही तिल्ली से 4-5 दीपक ना जलाये
इससे पिताजी को शक होने लगता है कि छोरा सिगरेट पीने लगा है.
जनहित में जारी.. हैप्पी दिवाली!
(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)