निक्की को दुखी देखकर किसी ने पूछा- क्यों टेंशन में हो?
निक्की- यार एक दोस्त को प्लास्टिक सर्जरी के लिए 2 लाख दिए, अब उसे पहचान नहीं पा रही हूं.
मोनू - अगर मुझे दूसरा दिमाग लगवाने की जरूरत पड़ी तो मैं तुम्हारा दिमाग लगवाना चाहूंगा..
राजू - मतलब तुम मानते हो कि मेरे पास जीनियस का दिमाग है?
मोनू - नहीं, मुझे ऐसा दिमाग चाहिए जो पहले कभी यूज न हुआ हो.
टीचर- बस के ड्राइवर और कंडक्टर में क्या फर्क है?
स्टूडेंट- कंडक्टर सोया तो किसी का टिकट नहीं कटेगा,
ड्राइवर सोया तो, सबका टिकट कट जाएगा.
एक अमेरिकी डॉक्टर भारत आया.
बस स्टैंड पर एक किताब देखते ही उसे दिल का दौरा पड़ गया.
20 रुपये की इस किताब का नाम था?
30 दिनों में डॉक्टर कैसे बनें.
पति- हमें तो अपनो ने लूटा.
गैरों में कहां दम था, मेरी कश्ती वहां डूबी
जहां पानी कम था.
पत्नी- तुम तो थे ही गधे
तुम्हारी अक्ल में कहां दम था
वहां कश्ती लेकर ही क्यों गए,......
जहां पानी कम था.
टिल्लू- मेरे दांत में कीड़ा लगा है इसे निकाल दीजिये.
डॉक्टर- ठीक है मैं दवाई देता हूं.
टिल्लू- इस दांत दर्द से तो मर जाना बेहतर है.
डॉक्टर- पक्का बताओ फिर मैं उसी हिसाब से दवाई लिखूं.
दोस्त - तेरी गर्लफ्रेंड ने तुझसे ब्रेकअप क्यों किया?
सचिन- तेरे ही कहने पर उसे चेन गिफ्ट की थी, इसलिए..
दोस्त - चेन चांदी की थी क्या?
सचिन- नहीं साइकिल की.
टीलू की 2 करोड़ की लॉटरी निकली
लॉटरीवाला - आपको टैक्स काटकर 1.75 करोड़ मिलेंगे
टीलू - ये गलत बात है, मुझे पूरे 2 करोड़ दो, नहीं तो मेरे टिकट के 100 रुपये वापस करो...
भाई- क्यों रो रही हो?
बहन- मेरे नंबर बहुत कम हैं.
भाई- कितने नंबर आए हैं?
बहन- केवल 90%.
भाई- बहन रहम कर, इतने में तो हम जैसे तीन लड़के पास हो जाते हैं.
टीटू- पापा, मुझे बाजा दिला दो.
शौंटी- नहीं तुम सबको तंग करोगे.
टीटू- नहीं करूंगा पापा, जब सब सो जाएंगे तभी बजाऊंगा.
हाथ मिलाने के बजाए नमस्ते का चलन ज्यादा रखें क्योंकि,
जाड़े के मौसम में हो सकता सामने वाले ने नाक साफ करने के बाद हाथ न धोए हों.
मिंकी- मैं तुमसे प्यार करती हूं, मैं तुम्हारे बिना मर जाऊंगी, मिट जाऊंगी, जानू, मैं तुम्हारे प्यार में फ़ना हो जाऊंगी.
लड़का- हम्म.. देख लो, जैसा तुम्हें ठीक लगे.
(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)