Funny Jokes in Hindi: हंसने के कई फायदे हैं, चेहरे पर रौनक आती है, मन खुश रहता है, कई बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है. अगर आप अपना मूड और माइंड फ्रेश करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए चुटकुले आप पढ़ सकते हैं.
दांत का डॉक्टर- आपका दांत निकालना पड़ेगा क्योंकि ये सड़ चुका है.
राजू- हां तो कितने पैसे लगेंगे ?
दांत का डॉक्टर- बस 500 रुपये लगेंगे.
राजू- 50 रुपये ले लो और थोड़ा सा ढीला कर दो, निकाल तो मैं खुद लूंगा
बीवी ने पति का मोबाइल चेक किया और उसकी तरफ घूरते हुए पूछा- ये छगन हलवाई क्यों पूछ रहा है कि खाना खाया या नहीं?
दुकानदार- बहनजी आप दुकान पर आती हैं, गहने देखती हैं पर कुछ लेती क्यों नहीं ?
कस्टमर- हमेशा लेती हूं पर आप ध्यान नहीं देते...
डॉक्टर- चश्मा किसके लिए बनवाना है?
बब्लू- टीचर के लिए.
डॉक्टर- पर क्यों?
बब्लू- क्योंकि उन्हें मैं हमेशा गधा ही नजर आता हूं.
पूजा के समय पत्नी ने पति से पूछा
पत्नी- सुनो जी आपको आरती याद है न?
पति- हां... वो पतली सी, वही न?
इसके बाद भगवान की बाद में , पति की 'पूजा' पहले हुई.
लड़की का एक्सीडेंट हो गया.
डॉक्टर - आपके पैर खराब हो गए हैं.
लड़की - क्या ये सही नहीं होंगे?
डॉक्टर - नहीं इनको काटना पड़ेगा.
लड़की - ओह! नो अब मैं क्या करुंगी?
डॉक्टर - धीरज रखिए. ईश्वर सब ठीक करेगा.
लड़की - अरे मुझे उसकी टेंशन नहीं है. दरअसल मैंने कल ही नया सैंडल खरीदा है, और उस दुकान पर लिखा था- "बिका माल वापस नहीं होगा".
टीचर- 'संगठन में ही शक्ति है' का एक अच्छा सा उदाहरण दो?
छात्र- जेब में एक बीड़ी हो तो टूट जाती है और पूरा बंडल हो तो नहीं टूटता.
मास्टर जी बेहोश.
अगर कोई सबह-सुबह उठने में नखरें दिखाए,
तो बस एक तरीका आजमाना है, वह अपने आप उठ जाएगा,
उसके कान में जाकर धीरे से कह दो
तेरे पापा तेरा मोबाइल चेक कर रहे हैं.
टीचर- बच्चों क्या तुम चीनी भाषा पढ़ सकते हो?
छात्र- हां
टीचर- कैसे?
छात्र- अगर वो हिंदी या अंग्रेजी में लिखी हो तो.
मंटू- पापा क्या मैं भगवान की तरह दिखता हूं?
पापा- नहीं , पर तुम ऐसा क्यों पूछ रहे हो बेटा?
मंटू- क्योंकि पापा मैं कहीं भी जाता हूं, तो
सब यही कहते हैं हे भगवान फिर आ गया.
(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)