अहमदाबाद की एक अदालत ने मोरबी पुल हादसे के बारे में कथित तौर पर ट्वीट करने से जुड़े मामले में गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता साकेत गोखले को जमानत दे दी, लेकिन मोरबी पुलिस द्वारा दर्ज एक अन्य मामले में उन्हें शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया गया.
सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) जितेंद्र यादव ने बताया कि मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एम वी चौहान ने गोखले को जमानत दी. उनके अनुसार पुलिस हिरासत खत्म हो जाने पर उन्हें अदालत में पेश किया गया था. उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्हें मोरबी में दर्ज किए गए एक अन्य मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
टीएमसी ने ट्वीट किया कि उसने विकास के मद्देनजर गुजरात के मोरबी में तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजा है. भाजपा4गुजरात का नापाक एजेंडा फिर से उजागर हुआ है.
उसने लिखा- "हमारे राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले को बिना किसी वजह से गुजरात पुलिस द्वारा उनकी रिहाई के कुछ देर बाद गिरफ्तार कर लिया गया." टीएमसी ने दावा किया कि लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार अब खतरे में हैं, हम उनकी बिना शर्त रिहाई की मांग करते हैं." पार्टी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ नेता डोला सेन, खलीलुर रहमान और असित मल शामिल हैं.
उल्लेखनीय है कि एक दिसंबर को गोखले ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त एक सूचना पर आधारित खबर साझा की थी, जिसके मुताबिक पुल गिरने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मोरबी यात्रा पर 30 करोड़ रुपये का खर्च आया था. मंगलवार सुबह पत्र सूचना कार्यालय ने ट्वीट कर इसे फर्जी खबर बताया था.