महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेन्द्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस से कथित रूप से रिश्वत की पेशकश करने और 10 करोड़ रुपये की वसूली की कोशिश के आरोप में अरेस्ट डिजाइनर अनिक्षा जयसिंघानी को कोर्ट ने सोमवार को जमानत दे दी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डी. डी. अलमाले ने अनिक्षा जयसिंघानी की जमानत याचिका को मंजूरी दी.
मामले में सुनवाई के दौरान अनिक्षा पुलिस ने कोर्ट को बताया कि डिजाइनर अनिक्षा ने अमृता को भेजे अपने एक मैसेज में दावा किया था कि उसके पिता सटोरिये अनिल जयसिंघानी एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे के लगातार संपर्क में थे. पुलिस के मुताबिक एक मैसेज में अनिक्षा ने कहा था, 'तुम मेरे पिता को नहीं जानती... मेरे पिता कई बड़े-बड़े लोगों से अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं. मेरे पिता नियमित रूप से शरद पवार और उद्धव के संपर्क में हैं, वह उन्हें वीडियो दे देंगे. पुलिस ने कोर्ट को यह भी बताया कि साजिश में कई राजनीतिक हस्तियों के शामिल होने की भी संभावना है, जिसकी जांच की जरूरत है.
20 फरवरी को अमृता ने दर्ज करवाया था केस
अमृता फडणवीस की शिकायत पर 20 फरवरी को दक्षिण मुंबई के मालाबार हिल्स थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई थी, जिसके बाद 16 मार्च को अनिक्षा को गिरफ्तार कर दिया गया था. डिजाइनर पर अमृता से 10 करोड़ रुपये की मांग करने का आरोप है. हालांकि अनिक्षा ने सभी आरोपों से इनकार किया है. अनीक्षा के पिता व संदिग्ध सटोरिये अनिल जयसिंघानी को पुलिस ने 20 मार्च को गुजरात से गिरफ्तार किया था. इन पिता-बेटी के अलावा पुलिस ने उनके रिश्तेदार निर्मल जयसिंघानी को भी अरेस्ट किया था. एफआईआर के मुताबिक अनीक्षा पिछले 16 महीने से अमृता के संपर्क में थी. वह उनसे मिलने उसके घर भी जाती थी.
सटोरियों के जरिए पैसा कमाने का दिया था लालच
पुलिस को उसने बताया कि अमृता ने कहा था कि वह पहली बार नवंबर 2021 में अनिक्षा से मिली थीं. अनीक्षा ने दावा किया कि वह कपड़े, आभूषण और जूते की एक डिजाइनर है और उसने बीजेपी नेता की पत्नी से सार्वजनिक कार्यक्रमों में उन्हें पहनने का अनुरोध किया और कहा कि इससे प्रॉडक्ट्स को प्रमोट करने में मदद मिलेगी.
अमृता का विश्वास हासिल करने के बाद अनिक्षा ने उसे कुछ सटोरियों के बारे में जानकारी देने का ऑफर दिया, जिनके जरिए वे पैसे कमा सकते हैं. पुलिस ने कहा था कि उसने अपने पिता अनिल जयसिंघानी को फंसाने के लिए अमृता को सीधे 1 करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी.
अमृता ने पुलिस को बताया कि वह अनिक्षा के व्यवहार से परेशान थी. उन्होंने उसका तक नंबर ब्लॉक कर दिया था, जिसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर अमृता को एक अज्ञात नंबर से वीडियो क्लिप, वॉयस नोट्स और कई संदेश भेजे. उसने और उसके पिता ने अमृता को अप्रत्यक्ष रूप से धमकी दी और साजिश रची. विशेष लोक अभियोजक अजय ने सोमवार को जमानत का विरोध करते हुए डिप्टी सीएम की पत्नी को आरोपी द्वारा भेजे गए कुछ संदेशों का हवाला दिया.