गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाया. फैसले के मुताबिक हाईकोर्ट समेत सभी अदालतों को जमानत अर्जियों पर तुरंत फैसला सुनाना होगा. इसके अलावा अग्रिम जमानत अर्जी पर 6 हफ्ते के भीतर फैसला लेना होगा.
साथ ही नियमित जमानत आवेदनों पर अदालतों को दो सप्ताह के भीतर निर्णय लेना होगा. हाईकोर्ट के इस फैसले का व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मुद्दे पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा. हाईकोर्ट के इस सकारात्मक फैसले से कोर्ट में लंबित मुकदमों का बोझ कम होगा.
अधिवक्त संघ ने HC के फैसले का किया स्वागत
माना जा रहा है कि इस फैसले से जेलों में कैदियों की संख्या में भी अहम बदलाव आएगा. गुजरात हाई कोर्ट अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ने इस फैसले का स्वागत किया. अधिवक्ता संघ ने न्यायिक सुधारों की दिशा में इस फैसले को अहम बताया है.