दिल्ली में आबकारी नीति मामले में आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया समेत अन्य पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है. शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सिसोदिया को पेश किया और 10 दिन की रिमांड मांगी. हालांकि, कोर्ट ने 7 की हिरासत मंजूर की है. वहीं, सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई है. इस दौरान ईडी ने काेर्ट में कथित घोटाले से संबंधित आरोपियों के बारे में सिलसिलेवार जानकारियां दीं. इसके साथ ही आरोपियों की भूमिका के बारे में भी बताया. ईडी ने कहा कि पैसों को लेकर विजय नायर ही कर्ताधर्ता था और वही कोऑर्डिनेट कर रहा था. उसने तेलंगाना के सीएम केसीआर की बेटी और बीआरएस नेता के कविता को पैसे के लिए कहा था.
नायर और कविता की मुलाकात का किया खुलासा
गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी ने सिसोदिया समेत अन्य नेताओं की संलिप्तता के बारे में पुख्ता दावा किया. ईडी ने कोर्ट में बताया कि बुच्ची बाबू के बयान से खुलासा हुआ कि के कविता की विजय नायर से कैसे मुलाकात हुई? के कविता ने दिल्ली में गौरी अपार्टमेंट और हैदराबाद के कोहिनूर में मुलाकात की. इसके साथ ही हैदराबाद से दिल्ली में कैसे पैसे ट्रांसफर किए गए हैं.
साउथ ग्रुप ने नायर को पैसे का भुगतान किया
ईडी ने कोर्ट में यह भी बताया कि आबकारी नीति घोटाले की कई ब्रांच हैं, इनमें लोक सेवक, व्यवसायी और बिचौलिए और अन्य शामिल हैं. साउथ ग्रुप के प्रमुख लोगों के बीच विजय नायर को रिश्वत का भुगतान किया गया. ये साजिश नायर और के कविता समेत साउथ ग्रुप के अन्य लोगों द्वारा रची गई थी. दरअसल, सीबीआई की जांच में पता चला है कि मार्च 2022 में दक्षिण भारत का एक ग्रुप दिल्ली के एक होटल में ठहरा था. इस समूह को 'साउथ ग्रुप' कहा जा रहा है. यहां इस ग्रुप की मुलाकात कथित शराब नीति घोटाले में आरोपी विजय नायर से हुई थी. विजय AAP में कम्युनिकेशन इंचार्ज थे. सीबीआई के मुताबिक, साउथ ग्रुप ने नीतिगत बदलाव और लाइसेंस हासिल करने के लिए कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी.
इस मामले में जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि साउथ ग्रुप तक एक्साइज पॉलिसी की ड्राफ्ट की कॉपी कैसे पहुंच गई?
शराब बिक्री में तय व्यवस्था का उल्लंघन हुआ
ED ने कहा कि मंत्री समूह यानी GOM में कुछ बातें ऐसी भी रहीं, जिन पर मीटिंग्स में कभी भी चर्चा ही नहीं हुई. लेकिन उनको अमल में लाया गया. शराब बिक्री के लिए दिल्ली में तय व्यवस्था का भी उल्लंघन हुआ. ED ने कहा कि पूर्व आबकारी कमिश्नर ने बताया कि GOM ने कई बार अलग-अलग तरह के डेटा की मांग की, लेकिन बैठकों में उन पर चर्चा नहीं की गई.
आरोपी ने सेक्रेटरी को ड्राफ्ट दिया था
ED के मुताबिक, पूर्व आबकारी कमिश्नर ने कहा कि होलसेल प्रॉफिट मार्जिन 12% तय किया गया, लेकिन बैठकों के मिनट्स में इनका जिक्र नहीं था. ED ने यह भी कहा कि विजय नायर ही था जो मामले में सब कुछ देख रहा था. वही सारी साजिश को कोऑर्डिनेट कर रहा था. कोर्ट ने पूछा कि आप कैसे कह सकते हैं- 12 फीसदी की सिफारिश GOM ने की थी. ED ने कहा- एक्साइज कमिश्नर और कुछ लोगों ने बताया. सेक्रेटरी के बयान से भी इस बात की पुष्टि हुई है. सेक्रेटरी सी. अरविंद को भी आरोपी ने इसका ड्राफ्ट दिया है.
'लॉटरी की बजाय होलसेल में लाइसेंस दिए'
अरविंद ने बताया कि मार्च 2021 में सिसोदिया ने सीएम के घर बुलाया और 30 पन्ने का ड्राफ्ट दिया. 22 मार्च को GOM ने इस ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया. आवेदकों को लॉटरी निकालने की बजाय होलसेल लाइसेंस देने की बात कही गई. ED ने कहा- अब मैं 100 करोड़ के किक बैक पर बात करूंगा. विजय नायर का indo spirit इसमें शामिल था. आप के नेताओं को किकबैक मिला. बता दें कि नई आबकारी नीति (New excise policy) थोक विक्रेताओं (Wholesalers) के लिए 12% और खुदरा विक्रेताओं (Retailers) के लिए लगभग 185% लाभ मार्जिन के साथ लाई गई थी.
वॉट्सऐप चैट का दिया हवाला
ED ने कहा कि विजय नायर ने यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई कि हैदराबाद का फंड AAP को दिया जाए. नायर ने सुनिश्चित किया कि यह सुचारू रूप से चलता रहा. ईडी ने कविता और नायर के बीच वॉट्सएप चैट का हवाला दिया. सिग्नल ऐप पर गुच्ची बाबू और विजय नायर के चैट से पता चलता है कि कैसे विजय नायर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के इशारे पर काम कर रहे थे.
सिसोदिया और कविता के बीच क्या कनेक्शन?
मनीष सिसोदिया को लेकर ईडी के वकील ने बुच्ची बाबू के बयान को पढ़कर सुनाया. उन्होंने खुलासा किया है कि सिसोदिया और के कविता के बीच पॉलिटिकल अंडरस्टैंडिंग थी. उन्होंने विजय नायर से भी मुलाकात की.
रिश्वत को लेकर कोऑर्डिनेशन कर रहा था अरोड़ा : ईडी
ED ने एक रेस्टोरेंट मालिक दिनेश अरोड़ा का बयान दिखाया. आरोप लगाया कि वह रिश्वत आदि के भुगतान कर रहा था. 2020 में अरोड़ा को संजय सिंह का फोन आया कि चुनाव आ रहे हैं और AAP को फंडिंग की जरूरत है, उन्होंने कई रेस्टोरेंट वालों से बात की. एक घटना के बाद उन्होंने अरोड़ा के साथ व्यक्तिगत संबंध बढ़ाए. कोरोना के बाद गिरफ्तार व्यक्ति ने उनके रेस्टोरेंट में मुलाकात की. अरोड़ा का कहना है कि सिसोदिया ने कई बार अरोड़ा के रेस्टोरेंट के कोर्टयार्ड और चीका का दौरा किया.
जेट स्पीड से जारी कर दिया लाइसेंस
ईडी ने कहा- इंडोस्पिरिट (साउथ ग्रुप में हावी) के लिए L1 लाइसेंस को मंजूरी दिलाने में भूमिका से पता चलता है कि इस सब में गिरफ्तार व्यक्ति सीधे तौर पर कैसे शामिल है. यह प्रत्यक्ष भूमिका है. ईडी ने कहा कि लाइसेंस रात में नवंबर में दिया गया और अंतिम आवंटन 8 नवंबर को किया गया. जेट स्पीड से आवेदन आता है और स्वीकृत होता है और 3 दिनों में आवंटित कर दिया जाता है.
ईडी ने कहा कि दिनेश अरोड़ा के बयान से पता चला कि कैसे जब उनकी फाइल आबकारी कार्यालय में अटकी हुई थी और उन्होंने विजय नायर से संपर्क किया और कैसे अरविंद ने मदद की और रात 10 बजे फाइल को मंजूरी दे दी गई. सीडीआर के जरिए सभी लोगों की एक ही लोकेशन क्लियर की गई. CBI की एफआईआर में सिसोदिया के ‘करीबी सहयोगी' गुरुग्राम से संचालित रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पांडे लोकसेवकों के लिए शराब लाइसेंसधारियों से एकत्र राशि का प्रबंधन और वितरण में सक्रिय रूप से संलिप्त थे. सीबीआई ने आरोप लगाया कि दिनेश अरोड़ा के प्रबंधन वाली राधा इंडस्ट्रीज को इंडोस्प्रिट के प्रबंध निदेशक समीर महेंद्रू से एक करोड़ रुपये की राशि मिली.
'जल्द से जल्द लाइसेंस दिया जाए'
ईडी ने कहा कि समीर ने उन्हें बताया कि लाइसेंस मिल गया है. इसका समर्थन अरविंद के बयान से होता है. गोपी कृष्णा ने यह भी कहा है कि डिप्टी सीएम ने कहा कि इंडोस्पिरिट्स (साउथ ग्रुप में हावी) का L1 लाइसेंस क्लीयर करवा दो. उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द लाइसेंस दिया जाए. बताते चलें कि सीबीआई ने FIR में दो घटनाओं का उल्लेख किया है. जिसके मुताबिक, इंडोस्प्रिट के महेंद्रू ने कुल करीब चार से पांच करोड़ रुपये का भुगतान सिसोदिया के ‘करीबी सहयोगियों’को किया है. उन्हें प्राथमिकी में बतौर आरोपी भी नामजद किया है.
दो फोन जब्त किए गए थे
ईडी ने कहा कि सिसोदिया के ठिकाने पर सीबीआई ने तलाशी ली. इसमें सिर्फ 2 फोन बरामद किए जा सके. ईडी का कहना है कि सिम कार्ड और फोन दूसरे लोगों के नाम पर जारी किए गए थे. गिरफ्तार व्यक्ति खुद अन्य व्यक्तियों के नाम पर खरीदे गए फोन का उपयोग कर रहा था. यह फ्लिपकार्ट के जरिए खरीदे गए थे. इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड देवेंद्र शर्मा के नाम पर थे. ईडी का कहना है कि ये देवेंद्र शर्मा के बयानों से स्पष्ट है. ईडी ने कहा- हम मनी ट्रेल की जांच करना चाहते हैं.
सिसोदिया के बयान गलत पाए गए
ईडी ने कहा- जांच को पटरी से उतारने के लिए डिजिटल साक्ष्य को नष्ट किया गया. 7 और 9 मार्च को दिए गए अपने बयान में वह (दिनेश अरोड़ा के साथ संबंध के बारे में) गलत पाए गए हैं. उनके बयान स्वतंत्र हितधारकों द्वारा प्रकट की गई बातों के विपरीत हैं. झूठे बयान दिए जा रहे हैं. लाभ मार्जिन बढ़ाने के मामले में भी उनका बयान अलग है. उनका कहना है कि पिछले कैलकुलेशन के आधार पर प्रॉफिट मार्जिन दोगुना हो गया था. हालांकि, आबकारी आयुक्त ने पहले ही कहा है कि GOM में इस पर कोई चर्चा नहीं हुई.
ईडी ने कहा- हमें घोटाले की पूरी सच्चाई का पता लगाना है, पूरे तौर-तरीकों का पता लगाना है. अन्य व्यक्तियों का आमना-सामना कराना चाहते हैं, जिन्हें हमने तलब किया है. गौरतलब है कि सीबीआई ने अपनी FIR में सिसोदिया के अलावा तत्कालीन आबकारी आयुक्त आरव गोपी कृष्ण, तत्कालीन उप आबकारी आयुक्त आनंद कुमार तिवारी, तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त पंकज भटनागर, 9 कारोबारियों और दो कंपनियों को भी नामजद किया है.
के कविता से 11 मार्च को होगी पूछताछ
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने के कविता को शनिवार को आबकारी नीति मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है. इससे पहले कोर्ट ने 9 मार्च की तारीख दी थी, लेकिन कविता की तरफ से वक्त मांगा गया था. इससे पहले गुरुवार को करीब 8 घंटे की पूछताछ के बाद ईडी ने आबकारी नीति मामले में सिसोदिया की गिरफ्तारी की. सिसोदिया को सीबीआई ने 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था. सिसोदिया की जमानत अर्जी पर 21 मार्च तक सुनवाई टल गई है.