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भीमा कोरेगांव केसः हाउस अरेस्ट होंगे गौतम नवलखा, सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने गौतम नवलखा को तलोजा जेल से निकालकर नवी मुंबई में हाउस अरेस्ट करने के आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने गौतम नवलखा को एक महीने के लिए हाउस अरेस्ट करने का फैसला सुनाते हुए कुछ शर्तें भी लगाई हैं.

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गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट से राहत (फाइल फोटो)
गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट से राहत (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव हिंसा केस में जेल में बंद गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने गौतम नवलखा को तलोजा जेल से निकालकर नवी मुंबई में हाउस अरेस्ट करने के आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने गौतम नवलखा को एक महीने के लिए हाउस अरेस्ट करने का फैसला सुनाते हुए कुछ शर्तें भी लगाई हैं.

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सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि हाउस अरेस्ट के दौरान गौतम नवलखा के पास किसी तरह का कोई संचार उपकरण यानी कोई लैपटॉप, मोबाइल फोन या कम्प्यूटर, कुछ भी नहीं रहेगा. इस दौरान वे एक दिन में केवल एक बार 10 मिनट के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर सकेंगे और वो भी ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मी की मौजूदगी में.

सर्वोच्च न्यायालय ने ये भी कहा है कि इस अवधि में गौतम नवलखा किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल नहीं होंगे और ना ही मीडिया से ही बात करेंगे. गौतम नवलखा को कोर्ट ने पत्नी सहबा हुसैन के साथ रहने की इजाजत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी साफ किया है कि गौतम नवलखा जब तक हाउस अरेस्ट रहेंगे, इस दौरान वे मामले से जुड़े लोगों और गवाहों से किसी तरह की कोई बात नहीं कर सकेंगे.

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सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि इस दौरान घरेलू कामकाज, साफ-सफाई के लिए एक नौकरानी के साथ रहने की इजाजत दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि गौतम नवलखा से हफ्ते में एक बार एक निश्चित अवधि के लिए उनके दो परिजन मुलाकात कर सकेंगे. परिजनों की इस मुलाकात को लेकर पहले ही पुलिस को बताना होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने गौतम नवलखा को जिस घर पर हाउस अरेस्ट किया जाना है, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने ये भी आदेश दिया है कि उनके घर के बाहर सुरक्षाकर्मियों की लगातार गश्त भी सुनिश्चित की जाए. सभी इंतजाम सुनिश्चित करने के बाद गौतम नवलखा को 48 घंटे के अंदर जेल से बाहर लाकर हाउस अरेस्ट कर दिया जाए.

गौरतलब है कि इस मामले में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसीटर जनरल एसवी राजू ने हाउस अरेस्ट की मांग का विरोध किया था. सरकार की ओर से एएसजी ने गौतम नवलखा के कश्मीरी चरमपंथियों और आईएसआई के संपर्क में होने की दलील देते हुए कहा था कि हाउस अरेस्ट के दौरान उनको कंट्रोल नहीं किया जा सकेगा.

 

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