वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद-शृंगार गौरी मामले में समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव और AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के बयान के खिलाफ जांच की मांग वाली याचिका पर वाराणसी कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. दरअसल, ओवैसी और अखिलेश यादव ने इस मामले में बयानबाजी की थी.
वाराणसी की कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत दायर याचिका को बरकरार रखा है. कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 29 नवंबर को करेगा.
कोर्ट में वाद दाखिल करने वाले वकील हरिशंकर पांडेय ने कहा था कि अखिलेश यादव का यह कहना कि किसी भी पीपल के पेड़ के नीचे पत्थर रख दिया जाए और एक झंडा गाड़ दिया जाए तो एक मंदिर बन जाता है और यह भी कहना कि रात के अंधेरे में मूर्तियां रख दी जाती है, इससे बनारस की जनता के हृदय को चोट पहुंची है.
वहीं, ज्ञानवापी विवाद से जुड़ी 'प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट' मामले की सुनवाई अब जनवरी में होगी. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए केंद्र सरकार को 12 दिसंबर तक का समय दिया है. जवाब दाखिल होने के बाद जनवरी में इस मामले की अगली सुनवाई निर्धारित की गई है.
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