नोएडा के 'गालीबाज' नेता श्रीकांत त्यागी की जमानत अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है. बता दें कि गैंगस्टर मामले में श्रीकांत त्यागी की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. सोमवार को हुई सुनवाई में यूपी सरकार ने अपना हलफनामा दाखिल किया है.
यूपी सरकार के जवाब पर श्रीकांत त्यागी की ओर से भी दलीलें पेश की गईं. दोनों पक्षों की तरफ से सोमवार को अदालत में जमकर बहस हुई. दोनों पक्षों की बहस खत्म होने के बाद अदालत ने तुरंत फैसला नहीं सुनाया.
जस्टिस सुरेंद्र सिंह की सिंगल बेंच में मामले की सुनवाई हुई. हाईकोर्ट में श्रीकांत त्यागी की तरफ से सीनियर एडवोकेट जीएस चतुर्वेदी और अधिवक्ता अमृता राय मिश्रा ने पक्ष रखा.
श्रीकांत त्यागी की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए जमानत दे दी है. यूपी सरकार की तरफ से सोमवार को कोर्ट में श्रीकांत त्यागी की क्रिमिनल हिस्ट्री पेश की गई.
'कोई आपराधिक इतिहास नहीं'- श्रीकांत त्यागी की ओर से दी गई दलील
श्रीकांत त्यागी की तरफ से दलील दी गई कि उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है. जो भी मुकदमे दर्ज हैं, वे दुर्भावना से प्रेरित हैं. महिला से बदसलूकी के मामले के तूल पकड़ने के बाद श्रीकांत त्यागी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में भी केस दर्ज किया गया था.
श्रीकांत त्यागी ने गैंगस्टर के मुकदमे में इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी. त्यागी को तीन मुकदमों में सेशन कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है. बता दें कि महिला से बदसलूकी के मामले में श्रीकांत त्यागी जेल में बंद हैं.