दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट मे स्थित एनआईए कोर्ट ने इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के चार आतंकियों को 10 साल की सजा सुनाई है. देश भर में आतंकी हमलों के जरिये सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की आपराधिक साजिश रचने के लिए ये सभी वर्ष 2012 के एक मामले में ये सभी दोषी ठहराये गए थे. कोर्ट ने इन चारो आतंकियों को अब सजा सुनाई है.
आतंकी भटकल के सहयोगी हैं दोषी
कोर्ट ने आरोपियों – दानिश अंसारी, आफताब आलम, इमरान खान और ओबैद-उर-रहमान को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दोषी ठहराया था. इंडियन मुजाहिदीन के इन चारों सदस्यों ने अदालत के सामने गुनाह कबूल किया था. आतंकी यासीन भटकल के साथी ये लोग 2008 से 2012 के बीच सीरियल ब्लास्ट्स की घटनाओं में वांछित थे.विशेष अदालत ने 10 जुलाई को इन्हें दोषी करार दिया था.
इन धाराओं के तहत लगाए आरोप
एनआईए ने सितंबर 2012 में आईपीसी की धारा 121ए (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश) और 123 (युद्ध छेड़ने की योजना को सुविधाजनक बनाने के इरादे से छिपाना) के तहत मामला दर्ज किया था. उन पर यूएपीए के तहत धारा 17 (आतंकवादी कृत्य के लिए धन जुटाना), 18 (आतंकी कृत्य करने की साजिश), 18ए (आतंकवादी शिविरों का आयोजन), 18बी (आतंकवादी कृत्य के लिए व्यक्तियों की भर्ती) और 20 (आतंकवादी संगठन का सदस्य होना) आरोप लगाए गए. इन आरोपों में अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है.
आतंकी वारदात को अंजाम देना था मकसद
इन पर एनआईए ने ये भी आरोप लगाया कि आरोपी पाकिस्तान स्थित अपने सहयोगियों और भारत में स्थित स्लीपर सेल की सक्रिय सहायता से देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती और ब्रेन वाश कर नए गुर्गों को जोड़ने करने का काम कर रहे थे,
इन सभी का मकसद भारत में महत्वपूर्ण और प्रमुख स्थानों, विशेषकर दिल्ली में बम विस्फोट करके आतंकवादी कृत्य को अंजाम देना था. एनआईए ने कहा स्रोत जानकारी से पता चला है कि आईएम के गुर्गों और उसके प्रमुख संगठनों को अपनी आतंकी गतिविधियां चलाने के लिए विदेशों से भी हवाला के जरिए लगातार धन मिल रहा है.