चीनी वीजा वाले विवाद में दिल्ली के स्पेशल कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम की अग्रिम जमानत वाली याचिका खारिज कर दी है. फैसले के बाद कार्ति के वकील दिल्ली हाई कोर्ट जाने की बात कर रहे हैं. कुछ दिन पहले ही इस मामले में ईडी ने कार्ति, उनके करीबी एस भास्कररमन पर मनी लॉन्ड्रिंग का एक केस दर्ज किया था. आरोप था कि पंजाब में स्थित वेदांता समूह के बिजली प्रोजेक्ट के लिए चीनी नागरिकों को वीजा दिलवाने में मदद की गई थी.
कार्ति पर इस मामले में वीजा के बदले घूस लेने का आरोप भी लगा था. ये घोटाला उस समय का है जब पी चिदंबरम देश के गृह मंत्री हुआ करते थे. लेकिन इन तमाम आरोपों को कार्ति चिदंबरम फर्जी बता रहे हैं. कुछ दिन पहले सीबीआई मुख्यालय के बाहर मीडिया से करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनकी तरफ से किसी चीनी नागरिक को वीजा दिलवाने में मदद नहीं की गई है. उन्हें गलत मामले में फंसाया जा रहा है.
इस मामले में दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने कार्ति को पहले ही अंतरिम गिरफ्तारी से राहत दी गई थी. इसी वजह से शुक्रवार को सुनवाई के दौरान ईडी उनकी अग्रिम जमानत वाली याचिका खारिज करने की मांग कर रही थी. तर्क था कि उनकी अंतरिम सुरक्षा को बढ़ा दिया गया तो उनकी अंतरिम जमानत का रास्ता साफ हो जाएगा. लेकिन कोर्ट ने कार्ति को झटका देते हुए उनकी अग्रिम जमानत वाली याचिका को खारिज कर दिया है.
वैसे इस मामले में कुछ हफ्ते पहले सीबीआई ने 9 जगहों पर छापे मारे थे. तमिलनाडु और मुंबई में तीन तीन जगहों पर छापेमारी की थी. वहीं, पंजाब, कर्नाटक और औडिशा में 1-1 जगह छापेमारी हुई थी. आरोप था कि कार्ति चितंबरम ने एक प्रोजेक्ट के लिए चीनी वर्कर्स को वीजा दिलाने के लिए 50 लाख रुपए की घूस ली. इससे पहले INX मीडिया केस में भी कार्ति चिदंबरम का नाम आया था. उनके विदेश जाने पर भी रोक लग गई थी. पिछले साल अक्टूबर में ही उनको शर्तों के साथ विदेश जाने की अनुमति मिली.