दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाले में फिलहाल राहत नहीं मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को अभी अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है. अदालत में केजरीवाल के पक्ष में सिसोदिया वाली दलील दी गई, जो नहीं चल सकी.
केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से कहा कि उनके पक्ष में 3 बार जमानत के आदेश दिए जा चुके हैं. इसमें सेक्शन 45 भी शामिल है. पीएमएलए ने मई में अंतरिम आदेश जारी कर दिया था. इसके बाद पीएमएलए से जून में नियमित जमानत मिली थी, लेकिन हाई कोर्ट ने उस पर रोक लगा दी. हालांकि, इस दलील के बाद भी कोर्ट ने उन्हें फिलहाल जमानत नहीं दी है.
'हाई कोर्ट कर रही है सेफ प्ले'
दरअसल, ऐसी ही दलील सिसोदिया वाले मामले में भी दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि मुकदमे में कोई प्रोग्रेस नहीं हुई है और सिसोदिया को जमानत भी नहीं दी जा रही है. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट पर तल्ख टिप्पणी करते हुए सिसोदिया को तुरंत जमानत देने के आदेश दिए थे. कोर्ट ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट के साथ-साथ हाई कोर्ट भी सेफ प्ले कर रही है.
23 अगस्त को अगली सुनवाई
बुधवार यानी आज केजरीवाल के वकील सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि इस मामले पर शीघ्र सुनवाई की जानी चाहिए. इसे अगले हफ्ते सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाना चाहिए, जिसके बाद SC ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 अगस्त की तारीख तय कर दी.
SC ने ठुकराई अंतरिम जमानत की मांग
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई का पक्ष भी जान लिया जाए. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ के समक्ष केजरीवाल ने सीबीआई के हाथों अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है. केजरीवाल के वकील डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने निचली और उच्च अदालत से जमानत अर्जी खारिज किए जाने के आधार को आश्चर्यजनक बताते हुए कहा कि ईडी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ही अंतरिम जमानत दी है. निचली अदालत ने मुझे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया. इसके बाद सीबीआई ने गिरफ्तार किया. मुझे इंश्योरेंस अरेस्ट किया गया है. हालांकि, कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने से इंकार किया. सिंघवी ने दलील दी कि मैंने अंतरिम जमानत की अर्जी दाखिल की है. क्योंकि मेरी सेहत का भी मसला है. लिहाजा मुझे अंतरिम जमानत दी जाए. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत की मांग ठुकरा दी.
सिसोदिया ने कोर्ट में क्या दी थी दलील
बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 21 मई, 2024 को सिसोदिया को जमानत देने से इनकार किया था. इसके बाद सिसोदिया सुप्रीम कोर्ट गए. सिसोदिया ने अपनी याचिका में कहा था कि 2023 अक्टूबर से उनके खिलाफ मुकदमे में कोई प्रोग्रेस नहीं हुई है. दिल्ली हाईकोर्ट से पहले, मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट ने, 30 अप्रैल को जमानत नहीं दी थी. ट्रायल कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में सिसोदिया की जमानत याचिका इससे पहले भी कई बार खारिज हो चुकी थी. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा था कि जमानत के मामले में हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट सेफ गेम खेल रहे हैं. सजा के तौर पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता.