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Delhi: 12 साल से जेल में बंद हत्या के आरोपी को सुप्रीम कोर्ट ने किया बरी, जानें वजह

सुप्रीम कोर्ट ने केरल के एक हत्या मामले में 12 साल से जेल में बंद व्यक्ति को बरी कर दिया. अदालत ने गवाहों की गवाही पर संदेह जताते हुए कहा कि अपराध संदेह से परे साबित नहीं हुआ. इससे पहले हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया था.

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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केरल में एक हत्या मामले में 12 साल से जेल में बंद शख्स को बरी कर दिया है. जस्टिस अभय एस ओका और उज्जल भुयान की पीठ ने कहा कि मामले में पेश किए गए गवाहों की गवाही पर भरोसा करना बहुत मुश्किल है और आरोपी का अपराध संदेह से परे साबित नहीं हुआ.

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यह फैसला विनोभाई नाम के व्यक्ति की उस अपील पर आया, जिसमें उन्होंने केरल हाईकोर्ट के सितंबर 2016 के फैसले को चुनौती दी थी. हाईकोर्ट ने उन्हें हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी थी.

हत्या के आरोपी को कोर्ट ने बरी किया

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अभियुक्त पहले ही 12 साल से ज्यादा जेल में रह चुका है. इसलिए अगर किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है तो उसे तुरंत रिहा किया जाए.

विनोभाई पर 31 दिसंबर 2010 को रामकृष्णन नामक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या करने का आरोप था. अभियोजन पक्ष का दावा था कि रामकृष्णन ने पहले विनोभाई के बड़े भाई की हत्या की थी, जिसके कारण दोनों के बीच पुरानी रंजिश थी.

अदालत ने चश्मदीद गवाहों पर सवाल उठाए

अदालत ने मामले में पेश किए गए दो चश्मदीद गवाहों की गवाही पर सवाल उठाया. अदालत ने कहा कि दोनों गवाहों ने दावा किया कि आरोपी ने मृतक की पीठ पर दो से तीन वार किए, लेकिन उनकी गवाही में कई अहम बातें नहीं थीं.

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सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के 2016 के फैसले और ट्रायल कोर्ट के 2012 के फैसले को रद्द कर दिया और विनोभाई को बरी कर दिया.

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