नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के समय लखमीपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा के लिए बुधवार का दिन जमानत का आदेश लेकर आया. सुप्रीम कोर्ट ने गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे लखीमपुर खीरी हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को आठ हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी. सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद किसानों को भी राहत दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने आशीष के साथ ही इसी मामले में बंद चार किसानों को भी इतनी ही अवधि के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद चार किसानों को स्वतः संज्ञान लेकर आठ हफ्ते की अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया. जेल में बंद इन किसानों पर थार से कुचले जाने की घटना के बाद पीट-पीटकर हत्या और आगजनी करने के आरोप हैं.
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद तिकुनिया कांड में आरोपी चार किसानों गुरविंदर सिंह, कमलजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह के साथ ही विचित्र सिंह के भी जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है. पुलिस ने हादसे के बाद किसानों के खिलाफ पीट-पीटकर हत्या करने, बलवा और आगजनी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया था.
पुलिस ने इस मामले में सात किसानों को गिरफ्तार किया था. विवेचना के दौरान तीन आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले और पुलिस ने चार्जशीट दायर करते हुए उनकी रिहाई के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था. पुलिस की ओर से दायर की गई चार्जशीट में अवतार सिंह, रंजीत सिंह और कमलजीत सिंह उर्फ सोनू को साक्ष्यों के अभाव में क्लीनचिट दे दी गई थी.
तीन पर हत्या, एक पर गाली-गलौज का केस
पुलिस की ओर से दायर की गई चार्जशीट में चार किसानों को आरोपी बनाया गया. इनमें से तीन किसानों गुरविंदर सिंह, कमलजीत सिंह और गुरप्रीत सिंह को पीट-पीटकर हत्या, बलवा, आगजनी के साथ ही कई संगीन धाराओं के तहत दर्ज मामले में आरोपी बनाया गया है. जबकि जेल में बंद चौथे किसान विचित्र सिंह को गाली-गलौज और आगजनी के मामले में आरोपी बनाया गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने आशीष को भी दी जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को आठ हफ्ते के लिए अंतरिम जमानत देते हुए ये भी कहा था कि किसी भी गवाह को प्रभावित किए जाने की कोशिश की स्थिति में जमानत निरस्त हो जाएगी. इस दौरान आशीष मिश्रा से दिल्ली और यूपी में नहीं रहने के लिए भी कहा गया है. रिहाई के एक सप्ताह के भीतर आशीष को यूपी और दिल्ली से बाहर जाना होगा साथ ही अपनी लोकेशन से कोर्ट को लगातार अपडेट कराना होगा जिससे निगरानी की जा सके.