गुजरात के मोरबी में हुए भीषण झूलता पुल हादसे के मुख्य आरोपी जयसुख पटेल को सुप्रीम कोर्ट ने 7 शर्तों के साथ जमानत दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते वक्त कहा कि जमानत की शर्तें मोरबी कोर्ट तय करेगा.
इन 7 शर्तों के साथ मिली जमानत
1. अपना निवास आईडी देना होगा. कोई परिवर्तन हो तो अदालत को सूचित करना होगा.
2. गवाहों को प्रभावित ना करें या डराएं नहीं.
3. सात दिन के अंदर अपना पासपोर्ट कोर्ट में जमा करा दें.
4. जयसुख पटेल को एक लाख रुपए के बॉन्ड पर जमानत मिली है.
5. बिना अनुमति के देश से बाहर न जाएं.
6. कोर्ट ट्रायल के दौरान मोरबी जिले की सीमा में प्रवेश न करें.
7. कोर्ट कार्यवाही के दौरान मोरबी में प्रवेश कर सकते हैं.
135 लोगों की चली गई थी जान
मोरबी जिले में मच्छु नदी पर बना हैंगिंग ब्रिज 30 अक्टूबर 2022 को टूट गया था. हादसे के वक्त इस पर 300-400 लोग मौजूद थे. सभी लोग नदी में गिर गए थे. हालांकि, इनमें से कुछ की जान बचा ली गई थी. इस हादसे में 135 लोगों की मौत हुई थी. चौंकाने वाली बात ये थी कि हादसे से 5 दिन पहले ही 7 महीने की मरम्मत के बाद ब्रिज को खोला गया था. हालांकि ब्रिज खोलने से पहले फिटनेस सर्टिफिकेट भी नहीं लिया गया था. इस ब्रिज के रखरखाव का ठेका ओरेवा कंपनी के पास ही था.
143 साल पुराना था ब्रिज
मोरबी का ये ब्रिज 143 साल पुराना था. इसकी लंबाई 765 फीट और चौड़ाई 4 फीट थी. इस पुल का उद्घाटन 1879 में किया गया था. इस केबल ब्रिज को 1922 तक मोरबी में शासन करने वाले राजा वाघजी रावजी ने बनवाया था. वाघजी ठाकोर ने पुल बनाने का फैसला इसलिए लिया था, ताकि दरबारगढ़ पैलेस को नजरबाग पैलेस से जोड़ा जा सके.