अगर आप एक रहस्य रखना चाहते हैं, तो आपको इसे अपने आप से भी छिपाना होगा...अंग्रेजी उपन्यासकार जॉर्ज ओरवेल के इस कथन के साथ सुप्रीम कोर्ट ने पेगासस जासूसी मामले में सुनवाई करते हुए अहम आदेश जारी किया. इसमें कोर्ट ने निर्देश दिया कि पेगासस जासूसी मामले की जांच एक्सपर्ट कमेटी द्वारा की जाएगी और कमेटी 8 हफ्तों में रिपोर्ट देगी.
चीफ जस्टिस एन वी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली ने पेगासस मामले पर सुनवाई की. सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि तकनीक जीवन को उन्नत बनाने का सबसे बेहतरीन औजार है, हम भी ये मानते हैं.
कोर्ट ने कहा कि जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार सबसे ऊंचा है. उनमें संतुलन भी जरूरी है. देश के नागरिकों को निजता का अधिकार है. तकनीक पर आपत्ति आपत्ति सबूतों के आधार पर होनी चाहिए, साथ ही प्रेस की आजादी पर कोई असर नहीं होना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में प्रथम दृष्टया दृस्टिया केस बनता है.
पेगासस मामले में गठित कमेटी इन 6 पाइंट्स को आधार बनाएगी
इन मुद्दों पर कमेटी को पूछताछ, जांच करनी है. इस केस से जुड़ी सहायक बात या पहलुओं पर भी कमेटी को गौर करना है.
1. क्या पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल भारत के नागरिकों के फोन पर या अन्य उपकरणों पर स्टोर डेटा, बातचीत, अन्य जानकारी एक्सेस करने के लिए किया गया था.
2. उन पीड़ित/प्रभावित लोगों की जानकारी जिनके खिलाफ स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया गया.
3. साल 2019 में पेगासस जासूसी कांड की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद केंद्र सरकार ने क्या कदम/एक्शन उठाए.
4. क्या भारत सरकार, कोई सरकारी एजेंसी ने पेगासस से सॉफ्टवेयर के लिए करार किया हुआ है?
5. अगर किसी सरकारी एजेंसी ने पेगासस का इस्तेमाल भारत के नागरिकों पर किया है. तो वह किस कानून, नियम, दिशानिर्देश, प्रोटोकॉल या वैध प्रक्रिया के तहत किया गया है.
6. क्या किसी घरेलू इकाई/व्यक्ति ने भारत के लोगों पर पेगासस का इस्तेमाल किया?
रिटायर्ड जस्टिस आरवी रवींद्रन की अगुवाई में ये कमेटी करेगी जांच
1. आलोक जोशी, पूर्व आईपीएस अधिकारी (1976 बैच)
2. डॉ. संदीप ओबेरॉय, अध्यक्ष, उप समिति (अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन/अंतर्राष्ट्रीय इलेक्ट्रो-तकनीकी आयोग/संयुक्त तकनीकी)
तकनीकी समिति के सदस्य:
1. डॉ नवीन कुमार चौधरी, प्रोफेसर (साइबर सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक) और डीन, राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, गांधीनगर, गुजरात.
2. डॉ. प्रभारन पी., प्रोफेसर (इंजीनियरिंग स्कूल), अमृता विश्व विद्यापीठम, अमृतापुरी, केरल.
3. डॉ अश्विन अनिल गुमस्ते, इंस्टीट्यूट चेयर एसोसिएट प्रोफेसर (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मुंबई