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फोन टैपिंग केस: CM गहलोत के OSD की याचिका पर दिल्ली और राजस्थान पुलिस को नोटिस

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और राजस्थान पुलिस को नोटिस दिया. शर्मा ने सुनवाई के दौरान कोर्ट को कहा कि दिल्ली में एफआईआर दर्ज नहीं कराई जा सकती क्योंकि जूरिशडिक्शन राजस्थान का है. 

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दिल्ली हाईकोर्ट (सांकेतिक तस्वीर)
दिल्ली हाईकोर्ट (सांकेतिक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राजस्थान फोन टैपिंग विवाद में सुनवाई
  • दिल्ली HC ने दिल्ली और राजस्थान पुलिस को दिया नोटिस

राजस्थान की सियासत में भूचाल लाने वाला फोन टैपिंग विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है. इस मामले में अब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की एफआईआर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है. लोकेश शर्मा की इस याचिका पर आज (गुरुवार) सुनवाई हुई. लोकेश शर्मा ने एफआईआर के कई तकनीकी पहलुओं और क्षेत्राधिकार के आधार पर चुनौती दी है. 

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मुख्यमंत्री गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और राजस्थान पुलिस को नोटिस दिया. शर्मा ने सुनवाई के दौरान कोर्ट को कहा कि दिल्ली में एफआईआर दर्ज नहीं कराई जा सकती क्योंकि जूरिडिक्शन राजस्थान का है. 

उन्होंने कहा कि गजेंद्र सिंह शेखावत फोन टैपिंग के इस मामले में राजस्थान में खुद आरोपी हैं, जबकि लोकेश शर्मा पर जिस तरह के फोन टैपिंग के आरोप लगाए गए है, वो पूरी तरह निराधार हैं. बता दें कि शर्मा पर यह एफआईआर 2 महीने पहले दिल्ली में दर्ज की गई थी. 

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ता गजेंद्र सिंह शेखावत को भी अपना जवाब दाखिल करने को कहा है और मामले की सुनवाई 6 अगस्त तक के लिए टाल दी है. गौरतलब है कि लोकेश शर्मा के खिलाफ केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ये एफआईआर दर्ज करवाई है. 

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मालूम हो कि पिछले साल राजस्थान में सचिन पायलट खेमे की बगावत के समय गहलोत सरकार पर फोन टैपिंग के आरोप लगे थे. जनप्रतिनिधियों के फोन टैप मामले में गहलोत सरकार बीजेपी के निशाने पर आ गई थी. 

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