लखीमपुर के बहुचर्चित प्रभात गुप्ता मर्डर केस में सुरक्षित किया गया फैसला अब टल गया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच इस मामले में अब जनवरी में सुनवाई करेगी. दरअसल फैसला सुरक्षित करने के बाद कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण के लिए बुधवार को दोनों पक्षों के वकील तलब किए गए थे. अब जनवरी के तीसरे हफ्ते में हाई कोर्ट की डबल बेंच ने फिर से दोनों पक्षों के वकीलों को बुलाया है. इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी आरोपी हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 10 अक्टूबर को एमपी-एमएलए कोर्ट की डबल बेंच ने फैसला सुरक्षित कर लिया था.
इलाहाबाद हाइ कोर्ट ने अजय मिश्रा टेनी को प्रभात गुप्ता हत्याकांड मामले में बरी किए जाने के निचली अदालत के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 10 नवंबर को अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था.
मामला 8 जुलाई 2000 का है. लखीमपुर के तिकुनिया थाना क्षेत्र के बनवीरपुर गांव में प्रभात गुप्ता की हत्या कर दी गई थी. मामले में प्रभात के पिता संतोष गुप्ता ने अजय मिश्रा टेनी के साथ शशि भूषण, राकेश डालू और सुभाष मामा को हत्या में नामजद आरोपी बनाया था. आरोप लगाया था कि प्रभात गुप्ता को दिन दहाड़े बीच रास्ते में पहली गोली अजय मिश्रा ने कनपटी पर मारी और दूसरी गोली सुभाष मामा ने सीने में मारी थी, जिसके बाद प्रभात की मौके पर ही मौत हो गई थी.
केस ट्रांसफर की याचिका हो चुकी है खारिज
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने प्रभात गुप्ता हत्याकांड केस को इलाहाबाद हाई कोर्ट की मुख्य पीठ को स्थानांतरित करने की केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा की याचिका खारिज कर दिया था. अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्रभात हत्याकांड की सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में चल रही है. इलाहाबाद हाई कोर्ट से यह अपील खारिज होने के बाद अजय मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की थी, जिस पर कोर्ट ने यह फैसला दिया था.